फर्जी स्कूल प्रमाणपत्र से नाबालिग बताकर POCSO में फंसाने पर हाईकोर्ट सख्त, दिया यह आदेश, प्रधानाध्यापक अवश्य पढ़ें

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फर्जी स्कूल प्रमाणपत्र से नाबालिग बताकर POCSO में फंसाने पर हाईकोर्ट सख्त, दिया यह आदेश, प्रधानाध्यापक अवश्य पढ़ें

प्रयागराज। प्रेम संबंध से नाराज होकर किसी युवक को पॉक्सो (POCSO) मामले में फंसाने के लिए फर्जी स्कूल प्रमाणपत्र के जरिए लड़की को नाबालिग बताने के मामलों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि स्कूलों से जन्मतिथि प्रमाणपत्र जारी करने के लिए कोई निर्धारित प्रक्रिया या प्रारूप नहीं है और इसका दुरुपयोग रोकना जरूरी है।

दो महीने में गाइडलाइन बनाने का निर्देश

न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकलपीठ ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को निर्देश दिया है कि दो माह के भीतर स्कूलों द्वारा जन्मतिथि प्रमाणपत्र जारी करने के लिए आवश्यक दस्तावेज, प्रक्रिया और प्रारूप तय करते हुए स्पष्ट गाइडलाइन जारी की जाए।

कोर्ट ने यह टिप्पणी प्रयागराज निवासी शिवम यादव उर्फ छोटू की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान की। मामले में पीड़िता की उम्र को लेकर दो अलग-अलग दस्तावेज सामने आए थे।

उम्र में मिला बड़ा अंतर

मामले की जांच में पीड़िता की उम्र 18 से 20 वर्ष के बीच पाई गई, जबकि नारायण जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक की ओर से जारी स्थानांतरण प्रमाणपत्र में उसकी जन्मतिथि 12 नवंबर 2012 दर्ज थी।

दस्तावेजों पर संदेह होने पर कोर्ट ने 30 जुलाई को प्रधानाध्यापक को स्कॉलर रजिस्टर के साथ तलब किया था। चार अगस्त को प्रधानाध्यापक ने बताया कि जन्मतिथि कुलदीप ग्राम समाज कल्याण जूनियर हाईस्कूल के प्रमाणपत्र के आधार पर दर्ज की गई थी, जो पीड़िता के माता-पिता ने उपलब्ध कराया था।

फर्जी प्रमाणपत्रों के दुरुपयोग पर चिंता

हाईकोर्ट ने कहा कि स्कूलों से जारी जन्मतिथि प्रमाणपत्रों की प्रक्रिया स्पष्ट न होने के कारण इनका दुरुपयोग किया जा सकता है। ऐसे प्रमाणपत्रों के आधार पर किसी व्यक्ति को पॉक्सो जैसे गंभीर मामले में फंसाने की स्थिति को रोकने के लिए व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है।

कोर्ट ने संबंधित विभाग को आवश्यक दस्तावेज, सत्यापन प्रक्रिया और प्रमाणपत्र जारी करने का निर्धारित प्रारूप तय करने के निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट की इस पहल से स्कूल प्रमाणपत्रों के जरिए उम्र में हेरफेर और उनके संभावित दुरुपयोग पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

फर्जी स्कूल प्रमाणपत्र से नाबालिग बताकर POCSO में फंसाने पर हाईकोर्ट सख्त, दिया यह आदेश, प्रधानाध्यापक अवश्य पढ़ें

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