नियमित प्रधानाध्यापक के समान वेतन देने के मामले में 1030 याचियों की ओर से दाखिल याचिका निस्तारित
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने पूनम रानी वाष्णेय समेत 1030 याचियों की ओर से दाखिल याचिका निस्तारित करते हुए कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों को वेतन देने का फैसला दिया है। याचियों का कहना था कि उनके विद्यालयों में नियमित प्रधानाध्यापक की नियुक्ति नहीं थी और वे विभिन्न तिथियों से कार्यवाहक प्रधानाध्यापक के रूप में काम कर रहे थे। इसके बावजूद उन्हें प्रधानाध्यापक पद का वेतन नहीं दिया गया। मामले में कोर्ट ने पहले के फैसले का भी उल्लेख किया, जिसमें कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों को नियमित प्रधानाध्यापक के समान वेतन देने का अधिकार स्वीकार किया था।
हालांकि, उस फैसले में सुप्रीम कोर्ट के तरसेम सिंह फैसले के आधार पर बकाया वेतन को याचिका दाखिल करने से पहले के तीन वर्ष तक सीमित कर दिया गया था।
अपने फैसले में एकल पीठ ने कहा कि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने माया बनर्जी मामले में तरसेम सिंह के आधार पर अपनाई गई व्यवस्था पर पुनर्विचार किया।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA





