लखनऊ, उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग का अस्तित्व अब भले ही समाप्त हो चुका है लेकिन उसकी वेबसाइट अभी भी आबाद है।
यह हाल तब है कि इस आयोग के स्थान पर ‘उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग’ के नाम से नया आयोग अस्तित्व में आ चुका और उसके अध्यक्ष समेत सभी सदस्यों की नियुक्ति भी हो चुकी है।
भर्तियों के बारे में केवल पुरानी सूचनाएं दे रही इस वेबसाइट पर आयोग के अध्यक्ष के तौर पर अभी भी प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा का ही नाम दिख रहा है, जबकि उनका कार्यकाल इस आयोग के अस्तित्व में रहते हुए ही समाप्त हो गया था। भर्ती की राह देख रहे अभ्यर्थी इस वेबसाइट से भ्रमित हो जा रहे हैं। मजेदार बात यह भी है कि इसी वेबसाइट के नोटिस बोर्ड पर नवगठित आयोग का प्रतीक चिह्न बनाए जाने के संबंध में सूचना भी पड़ी हुई है।
दोनों सूचनाएं इसी वर्ष जुलाई की हैं। बावजूद इसके वेबसाइट का नाम बदलने की जरूरत अभी तक नहीं समझी गई। प्रयागराज में ही उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की जगह ही प्रदेश सरकार ने इस नए आयोग का गठन किया है। इस नए आयोग का मुख्यालय भी प्रयागराज में ही है।
पुराने आयोग की इस वेबसाइट पर परीक्षाओं के परिणाम संबंधी अद्यतन सभी सूचनाएं वर्ष 2019 की हैं। इसमें असिस्टेंट प्रोफेसर की लिखित परीक्षा का परिणाम और इस परिणाम के आधार पर साक्षात्कार के लिए चयनित अभ्यर्थियों की सूची शामिल है। इसी तरह आखिरी विज्ञापन के तौर पर विज्ञापन संख्या 49 प्रदर्शित है, जो डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य के 290 पदों पर चयन के लिए मार्च 2019 में जारी किया गया था। इन पदों पर चयन का परिणाम 2021 में जारी हो चुका है।
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