*69000 शिक्षक भर्ती में नियुक्त बी0एड0 डिग्री धारियों पर ब्रिज कोर्स के बजाय 50% अंकों वाली परीक्षा थोपने से शिक्षकों में रोष।*
*प्राथमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन-*
बदायूँ।
69000 सहायक अध्यापक भर्ती के तहत नियुक्त बीएड योग्यताधारी शिक्षकों पर विभागीय ब्रिज कोर्स के स्थान पर 50 प्रतिशत न्यूनतम अंकों की बाध्यता वाली लिखित परीक्षा थोपे जाने के फैसले से शिक्षकों में भारी असंतोष और आक्रोश का माहौल है। इस फैसले से प्रभावित शिक्षकों ने आज
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष एवं प्रांतीय प्रचार मंत्री संजीव शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया।
शिक्षक नेताओं का कहना है कि 5 वर्षों की सेवा के बाद परीक्षा की बाध्यता पूर्णतः अनुचित है।
संजीव शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 69000 भर्ती के तहत वर्ष 2020-22 में नियुक्त लगभग 32,000 बीएड योग्यताधारी शिक्षक पिछले 5 वर्षों से लगातार परिषदीय विद्यालयों में पूर्ण निष्ठा व ईमानदारी से सेवा दे रहे हैं। एनसीटीई के नियमानुसार, विभाग को नियुक्ति के 2 वर्षों के भीतर 6 माह का ब्रिज कोर्स कराना था जो कि विभाग द्वारा समय पर नहीं कराया गया। जो पूरी तरह से बेसिक शिक्षा विभाग की विफलता को दर्शाता है।
जिला मंत्री उदयवीर सिंह यादव ने कहा कक यह फैसला मूल विज्ञापन के नियमों के विपरीत है मूल विज्ञापन 2018 के तहत सेवारत प्रशिक्षण पूरा कराने का नियम था, जिसमें किसी न्यूनतम अंक वाली परीक्षा उत्तीर्ण करने का कोई प्रावधान नहीं था। अब विभागीय प्रशिक्षण की जगह 50% अंकों के साथ लिखित परीक्षा अनिवार्य करना नियम विरुद्ध और अन्यायपूर्ण है।
जिला कोषाध्यक्ष सुशील चौधरी ने कहा कि अन्य राज्यों में भी ब्रिज कोर्स को केवल एक औपचारिक प्रशिक्षण �
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