प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी पाने वाला व्यक्ति नैसर्गिक न्याय की दुहाई नहीं दे सकता। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति अजय भनोट की अदालत ने सहायक अध्यापक सौरभ श्रीवास्तव की याचिका खारिज करते हुए की।
बेसिक शिक्षा अधिकारी इटावा ने याची की नियुक्ति इस आधार पर रद्द कर दी कि उसका टीईटी का प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया। इसके खिलाफ याची ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याची के अधिवक्ता ने नैसर्गिक न्याय का हवाला दिया। कहा कि नियुक्ति रद्द करने का चार अक्तूबर 2024 का आदेश पारित करने से पहले याची को सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। संवाद
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