प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में अब पढ़ाई को ज्यादा रोचक, व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। नए शैक्षणिक सत्र से माध्यमिक स्कूलों में सामान्य ज्ञान और स्थानीय उत्पादों की जानकारी पर जोर देने के साथ रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि छात्र सिर्फ किताबों तक सीमित न रहकर व्यावहारिक ज्ञान भी हासिल कर सकें। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने सत्र 2026-27 के शैक्षिक पंचांग में इन गतिविधियों को शामिल करते हुए सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं।
एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना को भी स्कूल स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा। विद्यालयों और छात्रों को दैनिक जीवन में स्थानीय उत्पादों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जिला स्तर पर आयोजित होने वाले शिल्प मेले और ओडीओपी से जुड़ी प्रदर्शनियों का भ्रमण भी छात्रों को कराया जाएगा ताकि वे अपने क्षेत्र की पारंपरिक कला, शिल्प और उद्योगों को करीब से समझ सकें। वहीं कक्षा नौ और 11 के छात्रों के लिए नए सत्र शुरू होने से पहले रचनात्मक प्रोजेक्ट कार्य अनिवार्य कर दिया गया है। यह प्रोजेक्ट छात्रों की रुचि के अनुसार होगा और इसमें भाषा, गणित, विज्ञान, कला, संगीत और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों को शामिल करते हुए बहुविषयक दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। छात्रों को प्रोजेक्ट के तहत विभिन्न रचनात्मक कार्य करने का अवसर मिलेगा, जैसे पढ़ी गई पुस्तकों की तुलनात्मक समीक्षा लिखना, स्वयं कहानी, कविता या नाटक लिखना, भ्रमण किए गए स्थानों का सचित्र वर्णन करना, अपने बनाए चित्रों का संग्रह तैयार करना, कोई कार्यशील माडल बनाना या कोई कलाकृति तैयार करना।
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