भर्ती परीक्षा विवाद: प्रवक्ता-TGT परीक्षा तिथियों में बदलाव की मांग, अभ्यर्थियों ने लोक सेवा आयोग को सौंपा ज्ञापन
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के राजकीय इंटर कॉलेजों (GIC) में ‘प्रवक्ता’ और अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में ‘प्रशिक्षित स्नातक (TGT)’ भर्ती परीक्षाओं की तिथियां आमने-सामने होने से अभ्यर्थियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। परीक्षा की तारीखें बेहद नजदीक होने के कारण अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) में आपत्ति दर्ज कराते हुए संशोधन की मांग की है।
क्या है विवाद का कारण?
अभ्यर्थियों का कहना है कि दोनों महत्वपूर्ण परीक्षाओं के बीच पर्याप्त अंतराल नहीं है, जिससे तैयारी प्रभावित हो रही है:
-
TGT परीक्षा: 3 और 4 जून को प्रस्तावित है।
-
प्रवक्ता (GIC) परीक्षा: मात्र दो दिन बाद 7 जून को आयोजित होनी है।
अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल (दिनेश यादव, सुनील कुमार, पीएस परिहार, सर्वेश पांडेय आदि) ने शुक्रवार को आयोग को ज्ञापन सौंपकर प्रवक्ता जीआईसी की परीक्षा को कम से कम 10 दिन आगे बढ़ाने की मांग की है।
तैयारी के स्वरूप में भिन्नता
अभ्यर्थियों का तर्क है कि टीजीटी और प्रवक्ता स्तर की परीक्षाओं का पाठ्यक्रम और तैयारी का स्वरूप पूरी तरह अलग होता है। दोनों परीक्षाओं के बीच केवल दो-तीन दिन का समय होने के कारण उन्हें रिवीजन और मानसिक संतुलन बनाने में गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि तिथियों में बदलाव होता है, तो सभी को समान अवसर और पर्याप्त तैयारी का समय मिल सकेगा।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA






