प्रयागराज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने अपने मान्यता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों के लिए बायोमैट्रिक एवं ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। यह नई व्यवस्था 1 जुलाई से प्रभावी होगी, जिसके तहत कक्षा 9 से 12 तक के सभी विद्यालयों में शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और विद्यार्थियों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करनी होगी।
23 जून को प्रयागराज में होगा प्रस्तुतीकरण
इस नई प्रक्रिया को स्पष्ट करने के लिए 23 जून को यूपी बोर्ड मुख्यालय, प्रयागराज में एक प्रस्तुतीकरण आयोजित किया जाएगा, जहाँ ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने की विधि विस्तार से समझाई जाएगी। इससे अनुपस्थित छात्रों और कर्मचारियों की पहचान करना आसान होगा। इसके लिए एक कार्यान्वयन एजेंसी का चयन भी कर लिया गया है।
अनियमितताओं पर लगेगी रोक
यूपी बोर्ड की सचिव, श्रीमती भगवती सिंह, ने बताया कि इस प्रणाली से सरकारी और निजी स्कूलों में वर्षों से चली आ रही अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा, *”23 जून को बैठक के बाद इसका परीक्षण किया जाएगा और फिर सभी स्कूलों को दिशा-निर्देश भेजे जाएंगे। इससे शिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।”*
शिक्षक संघों ने व्यवस्था का किया समर्थन
उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह नियम भविष्य में प्रभावी साबित होगा। उन्होंने कहा, “ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य होने से निजी स्कूलों में फर्जी प्रवेश पर रोक लगेगी और शैक्षिक वातावरण सुधरेगा।”
इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद यूपी बोर्ड के स्कूलों में अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
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