बेसिक शिक्षा कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी योजना: 60 वर्ष के विकल्प पर मिल सकता है 25 लाख रुपये तक का लाभ – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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लखनऊ।
बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के बीच इन दिनों ग्रेच्युटी (Gratuity) को लेकर चर्चा तेज है। शिक्षकों के हित में जारी जानकारी के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी 60 वर्ष की आयु तक सेवा करने का विकल्प चुनता है और ग्रेच्युटी योजना के अंतर्गत आता है, तो उसे सेवानिवृत्ति पर निर्धारित नियमों के अनुसार ग्रेच्युटी का लाभ प्राप्त होगा। वहीं सेवा अवधि के दौरान असामयिक मृत्यु की स्थिति में आश्रितों को भी लाभ दिए जाने का प्रावधान बताया गया है।

क्या है ग्रेच्युटी का प्रावधान?

जानकारी के अनुसार, यदि कोई परिषदीय शिक्षक या कर्मचारी 60 वर्ष की आयु तक सेवा करने का विकल्प चुनता है और इस अवधि तक कोई अप्रत्याशित घटना नहीं होती, तो सेवानिवृत्ति के समय उसे ग्रेच्युटी की निर्धारित राशि का भुगतान किया जाएगा।

सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वर्तमान व्यवस्था में डेथ ग्रेच्युटी/सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 25 लाख रुपये तक निर्धारित बताई गई है।

डेथ ग्रेच्युटी की गणना

पोस्टर में दी गई जानकारी के अनुसार (1 जनवरी 2016 या उसके बाद की मृत्यु के मामलों पर लागू)—

सेवा अवधि देय ग्रेच्युटी
1 वर्ष से कम मासिक वेतन का 2 गुना
1 वर्ष से अधिक लेकिन 5 वर्ष से कम मासिक वेतन का 6 गुना
5 वर्ष से अधिक लेकिन 11 वर्ष से कम मासिक वेतन का 12 गुना
11 वर्ष से अधिक लेकिन 20 वर्ष से कम मासिक वेतन का 20 गुना
20 वर्ष या उससे अधिक अधिकतम 25 लाख रुपये

आश्रितों को भी मिलता है लाभ

यदि किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान अथवा 60 वर्ष की आयु पूरी होने से पूर्व मृत्यु हो जाती है, तो निर्धारित नियमों के अनुसार उसके पात्र आश्रितों को डेथ ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाता है। यह प्रावधान परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाया गया है।

टैक्स से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

जानकारी में यह भी उल्लेख किया गया है कि सेवानिवृत्ति पर प्राप्त ग्रेच्युटी की राशि पूर्णतः कर-मुक्त (Tax Free) होती है, बशर्ते वह लागू आयकर नियमों और निर्धारित सीमा के अंतर्गत हो।

शिक्षकों के लिए सलाह

ग्रेच्युटी से संबंधित अंतिम पात्रता, गणना और भुगतान की प्रक्रिया शासनादेशों, वित्त विभाग के नियमों तथा सेवा पुस्तिका में दर्ज विवरण के अनुसार तय होती है। इसलिए किसी भी निर्णय से पहले कर्मचारी अपने विभागीय कार्यालय या वित्त एवं लेखाधिकारी से अद्यतन जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

मुख्य बिंदु:

  • 60 वर्ष तक सेवा के विकल्प पर ग्रेच्युटी का लाभ।
  • अधिकतम ग्रेच्युटी सीमा 25 लाख रुपये।
  • आश्रितों के लिए डेथ ग्रेच्युटी का प्रावधान।
  • सेवा अवधि के आधार पर अलग-अलग गणना।
  • सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी सामान्यतः कर-मुक्त श्रेणी में।

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