फैसला : छात्रों का जान देना संकट, सुप्रीम कोर्ट ने बनाए दिशा-निर्देश – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

primarymaster.in


  सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को शैक्षिक संस्थानों में विद्यार्थियों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में बढ़ोतरी पर चिंता जताई। शीर्ष कोर्ट ने इसे गंभीर संकट मानते हुए इससे निपटने के लिए देशव्यापी दिशानिर्देश जारी किए। केंद्र और राज्य सरकारों को इस पर 90 दिनों में पालन रिपोर्ट पेश करनी होगी।

ये भी पढ़ें – जिलाधिकारी ने समय मे किया परिवर्तन सुबह 7 से 12 बजे तक खुलेंगे स्कूल

ये भी पढ़ें – जनगणना 2027 की आरम्भिक तैयारी हेतु समस्त जिलों के अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) के साथ वीडिअयो कान्फ्रेंन्सिग के माध्यम से बैठक कराने के सम्बन्ध

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि देश में छात्रों की आत्महत्या रोकने के लिए प्रभावी कानूनी ढांचे की कमी है, खासकर स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग सेंटरों में।

15 दिशानिर्देश जारी करते हुए पीठ ने कहा कि इनका पालन तब तक अनिवार्य रहेगा जब तक सरकार इस विषय पर कोई कानून या नियामक ढांचा नहीं बनाती।

मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों की नियुक्ति : कई दिशानिर्देश पारित करते हुए पीठ ने कहा कि 100 या अधिक विद्यार्थी वाले सभी शैक्षिक संस्थानों को बाल एवं किशोर मानसिक स्वास्थ्य में प्रशिक्षण प्राप्त कम से कम एक योग्य परामर्शदाता, मनोचिकित्सक या सामाजिक कार्यकर्ता की नियुक्ति करनी चाहिए।

Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA

Leave a Comment