इस गांव में पहली बार यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा में फर्स्ट डिवीजन पास होने वाले छात्र बने करन – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक गांव में आज तक हाईस्कूल पास करने का श्रेय सिर्फ दो भाइयों को जाता है। वर्ष 2025 में रामकेवल ने हाईस्कूल में द्वितीय स्थान हासिल किया था। इस बार परीक्षा में उसके भाई करन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

 चांद तक का सफर तय करने वाले देश में आज भी ऐसे कई गांव हैं जहां शिक्षा की लौ नहीं पहुंच पाई है। उत्तर प्रदेश् के बाराबंकी के एक गांव बनीकोडर शिक्षा क्षेत्र का निजामपुर है, जहां आजादी के बाद से आज तक हाईस्कूल पास करने का श्रेय सिर्फ दो भाइयों को जाता है। वर्ष 2025 में रामकेवल ने हाईस्कूल में द्वितीय स्थान हासिल किया था। इस बार परीक्षा में उसके भाई करन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

निजामपुर गांव के करन हाईस्कूल पास करने वाले दूसरे और 64 प्रतिशत अंक पाकर प्रथम श्रेणी हासिल करने वाले पहले छात्र बने हैं। बीते वर्ष यूपी बोर्ड परीक्षा में उनके बड़े भाई राम केवल ने 53 प्रतिशत अंक हासिल कर गांव के पहले छात्र बने थे जिसने हाईस्कूल की दहलीज पार की हो। आजादी के बाद इस गांव से करन के पहले कोई हाईस्कूल प्रथम श्रेणी से पास नहीं किया है। एक साधारण परिवार से आने वाले छात्र करन ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर असाधारण सफलता हासिल कर अपने गांव के लिए इतिहास रच दिया है। 23 अप्रैल 2026 को घोषित हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा परिणाम में करन ने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होकर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे गांव का नाम रोशन किया है। विशेष बात यह है कि करन गांव के दूसरे हाईस्कूल उत्तीर्ण छात्र हैं।

करन की इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पिता लल्लन और माता ब्रह्मदेई ने आर्थिक चुनौतियों के बावजूद बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। वहीं राजकीय इण्टर कॉलेज अहमदपुर, बाराबंकी के शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उनकी मेहनत को सही दिशा दी। विद्यालय के प्रधानाचार्य विजय कुमार गुप्ता सहित समस्त स्टाफ ने इसे विद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।

भारतीय पुलिस सेवा में अधिकारी बनना चाहते हैं करन

करन ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए कहा, मैं बड़ा होकर देश की सेवा करना चाहता हूं और भारतीय पुलिस सेवा में अधिकारी बनकर समाज में न्याय और सुरक्षा स्थापित करना चाहता हूं। मेरी सफलता का संदेश है कि संसाधन सीमित हों तो भी मेहनत और दृढ़ निश्चय से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। शिक्षकों ने कहा कि करन और राम केवल जैसे छात्रों की सफलता यह साबित करती है कि सच्ची लगन और निरंतर प्रयास से कठिन परिस्थितियों को भी पार किया जा सकता है।

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