लखनऊ। पिछले दिनों हुए गुजरात व पंजाब उपचुनाव में मिली जीत से उत्साहित आम आदमी पार्टी (आप) अब यूपी पर फोकस कर रही है। वह जोर-शोर से पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। प्रदेश में हाल में हुए परिषदीय स्कूलों के विलय (पेयरिंग) ने पार्टी के हाथ में एक बड़ा मुद्दा थमा दिया है। पार्टी पंचायत चुनाव के मद्देनजर इस मुद्दे को भुनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली हार व सत्ता हाथ से जाने से पार्टी काफी हतोत्साहित थी। किंतु पिछले दिनों गुजरात व पंजाब उपचुनाव में मिली जीत ने पार्टी को एक बार फिर से बूस्टर डोज दी है। इसके बाद से पार्टी नेताओं की सक्रियता बढ़ी है। उत्तर प्रदेश में 2026 में प्रस्तावित पंचायत चुनाव को देखते हुए पार्टी ने जोर-शोर से तैयारी शुरू कर दी है।
पार्टी के प्रदेश प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह के निर्देश पर जिलों में जहां संगठन सृजन को लेकर बैठकें चल रही हैं। वहीं वे खुद जोनवार सम्मेलन कर रहे हैं। इसी बीच प्रदेश में स्कूलों के विलय को लेकर हुए निर्णय ने पार्टी को पंचायत चुनाव का एक मुद्दा दे दिया है। अब संजय सिंह खुद जिलों में जाकर बंद हुए स्कूलों के सामने, वहां के लोगों के साथ चौपाल
लगा रहे हैं। इसके माध्यम से वह लोगों की राय भी जान रहे हैं।
राजधानी लखनऊ में तो उन्होंने विलय हुए स्कूल से दूसरे स्कूल तक दो किलोमीटर तक की पदयात्रा भी की थी। इसके साथ ही पार्टी के अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी जिलों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहे हैं। इसी क्रम में पार्टी ने दो अगस्त को राजधानी में बड़े धरने की घोषणा की है। प्रयास है कि इसमें हर जिले से विलय वाले स्कूलों से प्रभावित अभिभावकों को भी इस धरने में शामिल किया जाए
राज्यसभा में भी उठाया है मामला
सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में भी स्कूलों के विलय का मामला उठाया है। उन्होंने राज्यसभा में नियम 267 के तहत नोटिस देकर इस मामले पर चर्चा कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सदन की सभी कार्यवाही को स्थगित कर इस अति महत्वपूर्ण व गंभीर विषय पर तत्काल चर्चा कराई जाए।
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