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नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। मध्यपूर्व में जंग की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में दस-दस रुपये की कटौती की है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का फिलहाल सीधा असर उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा।
26 मार्च को जारी अधिसूचना के मुताबिक पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर तीन रुपये कर दिया गया है, जबकि डीजल पर यह शुल्क पहले के 10 रुपए से घटाकर शून्य कर दिया गया है। मंत्रालय ने कहा कि शुल्क में यह कटौती तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। हालांकि इस कटौती का आम उपभोक्ताओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क में कटौती कर फिलहाल सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफे का दबाव कम करने की कोशिश की है। सरकार ने यह कदम उठाकर तेल के खुदरा दामों में तत्काल बढ़ोतरी की आशंका को खत्म कर दिया है। सरकार ने डीजल और विमान ईंधन के निर्यात पर शुल्क लगा दिया है। सरकार ने डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और विमान ईंधन पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया है।
तेल कंपनियों को हो रहा था नुकसान: पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 70 से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल प्रति पहुंच गई हैं। इससे सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को पेट्रोल पर 24 और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर का नुकसान सहना पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। इससे सरकारी खजाने पर सालाना 1.75 लाख करोड़ रुपये का राजस्व बोझ पड़ने का अनुमान है।
नायरा एनर्जी बढ़ा चुकी है दाम: निजी कंपनी नायरा पेट्रोल की कीमत में पांच रुपये और डीजल के दामों में तीन रुपये की वृद्धि कर चुकी है।
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