भारत में भी किशोरों के लिए सख्त हो सकते हैं सोशल मीडिया नियम – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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नई दिल्ली। एक अमेरिकी अदालत ने बड़ी टेक कंपनियों की डिजाइन रणनीति पर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। इसमें पाया गया कि मेटा और गूगल ने ऐसे फीचर बनाए जो युवाओं को इनके उपयोग करने की लत को बढ़ा सकते हैं।

भारत में भी उम्र आधारित प्रतिबंधों पर विचार किया जा रहा है। बुधवार को कैलिफोर्निया सुपीरियर कोर्ट ने कहा कि मेटा और गूगल ने ऐसे फीचर बनाए जो बच्चों में अत्यधिक उपयोग की आदत पैदा करते हैं। इससे मानसिक तनाव और यह लंबे समय तक नुकसान होता है।

टेक कंपनियों पर बदलाव का पड़ सकता है दबाव

दोनों कंपनियों ने इस फैसले को चुनौती दी है। फिलहाल, फैसला बरकरार है। मेटा पीड़ित को 4.2 मिलियन डॉलर देना होगा। यूट्यूब को 1.8 मिलियन डॉलर का भुगतान करना होगा। यह दोनों कमाई के मुकाबले बहुत छोटा जुर्माना है। अब बड़ी टेक कंपनियों पर दुनिया भर में अपने प्लेटफॉर्म के काम करने के तरीके में बदलाव करने का दबाव पड़ सकता है। ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और भारत पहले ही इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म पर कम उम्र के यूजर्स की पहुंच सीमित करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया पहले ही लगा चुका है प्रतिबंध

ब्रिटेन पूरे देश में एक सर्वे चला रहा है, ताकि नाबालिगों पर सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों को समझा जा सके। ऑस्ट्रेलिया पहले ही प्रतिबंध लागू कर चुका है, जबकि यूरोपीय संघ भी इसी तरह के कदम पर विचार कर रहा है। सूत्रों की मानें तो फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप को चलाने वाली कंपनी मेटा को वीडियो के ऑटो-स्क्रॉल जैसे फीचर्स को हटाना पड़ सकता है। ये उनके लिए और मुश्किलें पैदा कर सकता है। हालांकि, दोनों टेक कंपनियों ने अभी तक कोई बड़े बदलाव की घोषणा नहीं की है।

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मिलियन यूजर्स हैं भारत में फेसबुक के 2025 के आंकड़ों के अनुसार

पीड़ित ने कहा, नौ वर्ष की उम्र से मानसिक समस्याएं हुईं

कोर्ट का यह फैसला एक शिकायतकर्ता के बयान के बाद आया, जो अब 20 वर्ष की हैं। उन्होंने कहा, नौ वर्ष की उम्र से सोशल मीडिया इस्तेमाल करने के कारण उसे मानसिक-शारीरिक समस्याएं हुईं। यह मामला इस मुकदमे में शामिल हजारों शिकायतों में से एक था। ट्रायल के दौरान सोशल मीडिया मंच के दो मुख्य फीचर समस्या के रूप में सामने आए। शॉर्ट वीडियो में इन्फिनिट स्क्रॉल और एल्गोरिथमिक रिकमेंडेशन फीचर है। इन्फिनिट स्क्रॉल एक ऐसी तकनीक है, जिसमें वीडियो की लिस्ट कभी खत्म नहीं होती।

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