, प्रयागराज :
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के लिए आवेदन करने वालों को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने निर्देशों को गंभीरता से पढ़ने की सलाह दी है। कहा है कि गलत सूचना देने पर अभ्यर्थन स्वतः निरस्त हो जाएगा।
यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे विवाहित पुरुष अभ्यर्थी जिनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां हैं अथवा ऐसी महिला अभ्यर्थी जिसने ऐसे पुरुष से विवाह किया है, जिसकी पहले से एक जीवित पत्नी है, वे पात्र नहीं समझे जाएंगे, बशर्ते कि राज्यपाल द्वारा इस प्रतिबंध से छूट प्रदान न कर दी गई हो।
इसके अलावा दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए श्रुतलेखक संबंधी अधिकतम इंटरमीडिएट निर्धारित की गई है। आयोग के अनुसार पूर्ण रूप से दृष्टिहीन व शारीरिक रूप से अक्षम ऐसे अभ्यर्थियों को श्रुतलेखक की सुविधा दी जाएगी, जो लिखने में असमर्थ हों। साथ ही यह शर्त भी है कि श्रुतलेखक को अभ्यर्थी अपने साथ स्वयं लाएंगे। श्रुतलेखक साथ लाने के आशय का प्रार्थनापत्र परीक्षा तिथि से पूर्व परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक को देकर उनसे इसे स्वीकार कराने की अनुमति लेनी होगी।
परीक्षा में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 लागू होगा, जिसके अंतर्गत आजीवन कारावास और एक करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
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