बच्चों की सोच और भाषा को दमदार बनाएगा अखबार, स्कूलों में पढ़ने की गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करने और बच्चों में भाषा दक्षता व रचनात्मक सोच विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में स्कूलों में अखबार पढ़ने की गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं।
पठन संस्कृति और अखबार पढ़ने से संबंधित पहले जारी निर्देशों के प्रभावी अनुपालन के लिए विभाग ने फिर व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पाठक साथी सेन शर्मा की ओर से जारी निर्देशों में सभी डायट प्राचार्यों, एडी बेसिक, बीएसए और बीईओ को विद्यालयों में पढ़ने की गतिविधियों को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देशों में कहा गया है कि विद्यार्थियों को केवल किताबों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनकी बढ़ती लेखन क्षमता और रचनात्मक सोच को भी मजबूती दी जाए। इसके लिए अखबार, पत्रिकाएं और समाचार-पत्र पढ़ने की आदत विकसित कराई जाएगी।
विद्यालयों में छात्रों से पढ़ी गई खबरों और सामग्री के आधार पर लेखन एवं रचनात्मक गतिविधियां कराई जाएंगी। साथ ही विद्यालय स्तर पर लेखन प्रतियोगिताओं के आयोजन पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। विद्यालय स्तर पर सर्वाधिक किताबें पढ़ने वाले छात्रों को “रीडर ऑफ द ईयर” जैसी उपाधि देकर पुरस्कृत करने की भी योजना है।
अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित होने से भाषा दक्षता, संवाद क्षमता, तार्किक सोच और रचनात्मक अभिव्यक्ति मजबूत होगी। इसके लिए विद्यालयों में रीडिंग कॉर्नर, अखबार उपलब्ध कराना, सुबह की सभा में समाचार वाचन और बच्चों को किताब पढ़ने के लिए प्रेरित करने जैसी गतिविधियां शामिल की जाएंगी।
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