● परिषदीय स्कूलों में मोबाइल से ज्यादा किताबों पर जोर
● विद्यार्थियों में पढ़ाई की रुचि पैदा करने के लिए शुरू होगी मुहिम
लखनऊ। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसके लिए हर सप्ताह ड्राप एवरीथिंग एंड रीड (डीईएआर) कैंपेन चलाया जाएगा। छात्र व शिक्षक दोनों पढ़ेंगे। विद्यार्थियों को लाइब्रेरी की पुस्तकें घर ले जाने को मिलेंगी। मोबाइल फोन का कम और सिर्फ जरूरत के लिए करें इसके लिए उन्हें प्रेरित किया जाएगा।
डियर कैंपेन सप्ताह में एक दिन चलाया जाएगा। जिसमें छात्रों को पुस्तकें पढ़ने का महत्व समझाया जाएगा। डियर कैंपेन का मतलब ‘सब कुछ छोड़ो और पढ़ो से है’ यानी विद्यार्थी व शिक्षक दोनों सब कुछ छोड़ इस दिन किताबें पढ़ेंगे। सप्ताह में कोई एक दिन आधा या एक घंटे की क्लास किताबें पढ़ने के लिए ही लगाई जाएगी। जिसमें छात्र व शिक्षक अपनी रूचि के अनुसार पुस्तकें पढ़ेंगे और चर्चा करेंगे।
वहीं दूसरी ओर परिषदीय स्कूलों में शिक्षक लाइब्रेरी की किताबें फट जाने के डर से उन्हें विद्यार्थियों को घर के लिए इश्यू नहीं करते। अब उन्हें सख्त निर्देश दिए गए हैं कि विद्यार्थियों को किताबें घर के लिए इश्यू करें। जब वह किताब वापस करें तो उन्होंने इससे क्या सीखा? इस पर चर्चा कराई जाए। जिससे उनकी पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा मिल सके। किताबें अधिक से अधिक पढ़ने को विद्यार्थियों को प्रेरित किया जाए।
समाचार पत्रों को भी विद्यार्थी अवश्य पढ़ें और उनसे सामान्य ज्ञान अर्जित करें। लेखन क्षमता को भी विकसित किया जाएगा। विद्यालयों में जो प्रिंट रीच सामग्री लगाई जाएगी, वह भी बच्चों की पहुंच में होगी। जिससे वह इसे आसानी से पढ़ सकें।
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