छात्रों के आंदोलन के बाद भर्तियों को लेकर सतर्क हो गए हैं आयोग
प्रयागराज। नीट पेपर लीक मुद्दे पर जेएन-जी के आंदोलन के बाद लोक सेवा आयोग और शिक्षा सेवा चयन आयोग दोनों सतर्क हो गए हैं। केंद्र सरकार इस मामले पर कड़ी निगरानी बनाए रखने की तैयारी कर रही है। वहीं, राज्य सरकारों और विभिन्न भर्ती आयोगों पर निष्पक्ष व पारदर्शी भर्ती का दबाव बढ़ा है।
भर्ती परीक्षाओं को समय पर संपन्न कराने का भी दबाव बढ़ गया है। प्रदेश में इन दिनों, एडेड महाविद्यालयों में प्राचार्य के 111 पद रिक्त हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर के 2107 पद पर भी भर्तियां संभावित हैं। एडेड माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ताओं और प्रधानाचार्य के 2643 पद खाली हैं।
टीजीटी, पीजीटी और संलग्न प्राइमरी के 21252 पदों पर भी भर्तियां अपेक्षित हैं। इन भर्तियों से हजारों बेरोजगारों को नौकरियां मिलने की संभावना है। शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का पेपर लीक हो चुका है। इसलिए आयोग सतर्कता बरत रहा है।
भर्तियों को समय पर संपन्न कराने का भी बढ़ गया दबाव
शिक्षा सेवा चयन आयोग के उप सचिव संजय सिंह ने बताया कि हम भर्तियों को लेकर पहले से ही सतर्क हैं। आयोग पूरी पारदर्शिता के साथ काम करेगा।
आगामी भर्तियों पर प्रभाव : हाल ही में असिस्टेंट प्रोफेसर, टीजीटी और पीजीटी भर्ती में कई खामियां उजागर नहीं हो सकी हैं। आयोगों का लक्ष्य है कि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो। पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी। समय पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करना भी एक बड़ी चुनौती है।
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