फर्रुखाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग में 68500 और 69 हजार शिक्षक भर्ती के 73 शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन विभाग छह साल से नहीं करा पाया है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि कई बार यूनिवर्सिटी को पत्राचार कर चुके हैं।
सही समय पर शैक्षिक अभिलेख सत्यापित न होने से वह लोग भी वेतन उठाते रहते हैं, जो फर्जी तरीके से शिक्षक बने होते हैं। ऐसे में विभाग को करोड़ों का चूना लगता है।
वर्ष 2018 में 68500 शिक्षक भर्ती में लगभग 483 और वर्ष 2019-20 में 69 हजार शिक्षक भर्ती में करीब 956 से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती जनपद में हुई थी।
भर्ती होने के बाद शिक्षकों से शपथ पत्र लेने के बाद उन्हें वेतन तो दिया जाने लगा, लेकिन विभाग अभी तक शत-प्रतिशत सत्यापन नहीं करवा पाया है।
शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन न होने के चलते वह शिक्षक भी वेतन उठा रहे हैं, जो फर्जी तरीके से भर्ती हुए हैं। हालांकि इसका पता तो तभी चल सकेगा, जब शत-प्रतिशत
शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन होकर आएंगे। अभी भी 69 हजार शिक्षक भर्ती के 53 और 68500 शिक्षक भर्ती के करीब 20 शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन होना बाकी है।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी गौतम प्रसाद ने बताया कि शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन के लिए यूनिवर्सिटी को कई बार पत्राचार किया जा चुका है। 68500 व 69 हजार शिक्षक भर्ती के बचे हुए शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेख सत्यापन कराए जाने को लेकर फिर रिमाइंडर भिजवाया जाएगा।
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