नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध के मद्देनजर देश की 14 लाख से अधिक महिला प्रधानों व पंचायत सदस्यों को कानूनी प्रशिक्षण देने का फैसला किया ग्रामीण भारत की इन महिला जनप्रतिनिधियों के माध्यम से गांवों और कस्बों में रहने वाली महिलाओं को हिंसा, उत्पीड़न, शोषण की घटनाओं से निपटने के लिए उनके कानूनी हक के प्रति जागरूक किया जाएगा। कानूनी प्रशिक्षण देने के लिए नेशनल लॉ स्कूल ऑफ
इंडिया यूनिवर्सिटी, बेगलुरु पाठ्यक्रम बना रहा है। पंचायती राज मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘हिंदुस्तान’ को बताया कि वर्तमान में ग्राम, ब्लॉक और जिलास्तर पर महिला जनप्रतिधियों को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षिण दिए जाते हैं, जिससे उनको स्वावलंबी बनाया जा सके।
लेकिन अब पंचायती राज मंत्रालय ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत महिलाओं को कानूनी प्रावधान संबंधी विशेष प्रशिक्षण देने का फैसला किया है। इसमें महिलाओं के प्रति अपराध और हिंसा होने की स्थिति में उनके कानूनी अधिकार के बारे में शिक्षित किया जाएगा।
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