मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने एक सार्वजनिक समारोह में स्वीकार किया कि वे कम से कम 500 ऐसे शिक्षकों को जानते हैं जो स्कूल नहीं जाते और छात्रों को पढ़ाने के लिए उन्होंने दूसरे लोगों को किराए पर रखा है.
रायसेन में बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में सिंह द्वारा की गई इस स्वीकारोक्ति का वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी कांग्रेस ने इस पर निशाना साधा और दावा किया कि यह मध्य प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र की स्थिति को दर्शाता है.
सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित वीडियो में मंत्री उदय प्रताप सिंह को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि “मैं व्यक्तिगत रूप से 500 ऐसे शिक्षकों को जानता हूं जो स्कूल नहीं जाते और उन्होंने दूसरे लोगों को रखा है. मेरे जिले में ऐसे करीब 100 शिक्षक हैं. ये समाज की चुनौतियां हैं जिन पर हमें विचार करना होगा.”
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री मोहन यादव को टैग करते हुए कहा, “यह बहुत शर्म की बात है कि आपके मंत्री को पता है कि स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं. हालांकि, कार्रवाई करने के बजाय वे मंच से इसका महिमामंडन कर रहे हैं.”
वहीं, इस बयान के संबंध में बार-बार प्रयास के बावजूद मंत्री उदय प्रताप सिंह से संपर्क नहीं हो सका
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