बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश के शिक्षकों के पारस्परिक तबादलों की आस में बैठे बेसिक शिक्षकों का धैर्य जवाब देने लगा हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता की वजह से घर जाने की बाट जोह रहे शिक्षकों को डर सता रहा है कि कहीं इस बरस भी तबादलों का ये मौसम यूं ही न गुजर जाए। अधिकारियों की लापरवाही की वजह से पिछले समर वेकेशन में पारस्परिक स्थानांतरण नहीं हो सका था।
जिससे परिषदीय शिक्षक व शिक्षकायें काफी मायूस है। परिषदीय शिक्षकों का मानना है कि अगर शासनादेश जल्द जारी नहीं होता है तो इस विंटर वेकेशन में भी पारस्परिक स्थानांतरण नहीं हो पाएगाऔर फिर से लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
प्रशासनिक ढील से खफा शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ट्रांसफर ऑर्डर जारी नहीं किए गए तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
साल में सिर्फ दो बार गर्मी और सर्दी में ट्रांसफर का नियम
अंत- जनपदीय परस्पर स्थानांतरण के लिए शिक्षकों का एक शिक्षा सत्र में दो बाद तबादला किया जा सकता है। ये ट्रांसफर या तो ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान हो सकेंगे या फिर सर्दी के मौसम में छुट्टियों के समय। कक्षा के संचालित रहते हुए किसी भी सूरत में तबादले नहीं किए जा सकेंगे। शिक्षक निर्धारित तिथियों के मध्य ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
वेबसाइट पर डालनी होगी संपूर्ण जानकारी
एनसीईआरटी की ओर से विकसित वेबसाइट पर अंत- जनपदीय तबादले के लिए आवेदन से पहले शिक्षकों को अपना संपूर्ण विवरण डालना होगा। ताकि अन्य शिक्षक भी इसे देख सकें और एक-दूसरे के विवरण के आधार पर तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकें। अंत-जनपदीय ट्रांसफर के दौरान स्थानांतरित होने वाले शिक्षकों को हर हाल में 7 दिन के अंदर विद्यालय में अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करना होगा।
इनकी भी सुनिए
• बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी ने पारस्परिक तबादले का प्रस्ताव 10 दिसंबर को ही शासन में भेज दिया था, लेकिन शासन स्तर पर अधिकारी के उदासीनता के चलते अभी तक पारस्परिक स्थानांतरण के लिए कोई आदेश जारी नहीं हुआ।
• प्राथमिक शिक्षा संघ के जिला उपाध्यक्ष रवीश मिश्रा ने बताया कि अपने ही जिले में शिक्षकों को 90 से 100 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ती है। जिससे आए दिन शिक्षकों के साथ तमाम दुर्घटनाएं हो रही हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चाहिए कि समय से पारस्परिक स्थानांतरण आदेश जारी करें, जिससे शिक्षकों का तबादला हो सके।
प्राथमिक विद्यालय में विषय मैपिंग का झंझट नहीं
चूकि कक्षा एक से पांच तक के लिए तैनात बसिक शिक्षकों में सब्जेक्ट मेपिंग का झंझट नहीं है, इसलिए इन शिक्षकों के तबादलों के मध्य भाषा जैसे विज्ञान, गणित आदि की बाध्यता नहीं होगी। जबकि इसके उलट उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक पढ़ने वाले बच्चों के लिए विषयवार शिक्षकों की तैनाती की जाती है। ऐसे में यदि समान जिले में दूर दराज तैनात कोई शिक्षक अदला बदली कर तबादला कराना चाहें तो उनके लिए समान विषय के शिक्षक का होना अनिवार्य है। यानि गणित का टीचर गणित वाले से ही रिप्लेस किया जा सकेगा और विज्ञान का शिक्षक विज्ञान वाले से।
समान पद पर समान पद वाले शिक्षक का ही तबादला
अंत- जनपदीय तबादले की शर्त ये भी है कि समान पद पर समान शिक्षक का ही तबादला हो सकेगा। यदि कोई प्रधानाचार्य पद पर तैनात है तो उसी पद पर तैनात दूसरा शिक्षक भी इच्छुक होगा तभी तबादला संभव है। इसके साथ ही कागजी कार्रवाई में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। ऑनलाइन आवेदन करते वक्त यदि कोई कमी छूट गई तो उसे सुधारा नहीं जा सकेगा।
जिन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई उनका तबादला नहीं
यदि किसी शिक्षक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है तो अंत: जनपदीय स्थानांतरण की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई समाप्त होने पर ही उस शिक्षक का तबादला या कार्यमुक्त या कार्य ग्रहण कराया जा सकेगा।
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