प्रयागराज । यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षाएं 23 जनवरी से आठ फरवरी के बीच दो चरणों में कराई जाएगी। इस साल पहली बार परीक्षकों को परीक्षा केंद्र के 200 मीटर दायरे में मोबाइल एप के माध्यम से प्रायोगिक परीक्षा के नंबर देने होंगे। खास बात यह है कि परीक्षक को बच्चों के साथ सेल्फी भी एप पर अपलोड करनी होगी। एक दिन में 40-40 के बैच में अधिकतम 80 बच्चों की ही प्रायोगिक परीक्षा ले सकेंगे। यदि किसी स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या 400 है तो परीक्षक को संबंधित जिले में कम से कम पांच दिन रहना पड़ेगा।
एप तैयार हो चुका है और जल्द ही उसकी जांच की जाएगी। सचिव
भगवती सिंह का कहना है कि मोबाइल एप का लिंक और पासवर्ड परीक्षकों को परीक्षा से पहले दिया जाएगा। परीक्षा केंद्र पर यदि परीक्षक पर अनुचित दबाव बनाया गया तो वह एप से ही शिकायत कर सकेंगे। इसी प्रकार यदि परीक्षक ने अनुचित लाभ लेने की कोशिश की तो स्कूल के प्रधानाचार्य साक्ष्य के साथ शिकायत कर सकेंगे। बोर्ड ने पहले ही प्रायोगिक परीक्षाएं सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कराने के निर्देश दिए हैं।
एआई के लिए प्रक्रिया बढ़ी, शासन से लेंगे अनुमति:
बोर्ड परीक्षा केंद्रों में रखे प्रश्नपत्रों की निगरानी एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से करने के लिए प्रक्रिया बढ़ गई है। गुरुवार को टेंडर खुल गया और तीन में से एक एजेंसी का चयन हुआ है। अब बोर्ड के अफसर शासन से अनुमति लेने के बाद वित्तीय निविदा खोलेंगे। डबल लॉकर में रखे प्रश्नपत्रों की निगरानी जिस सीसीटीवी कैमरे से करेंगे उसमें एआई जोड़ेंगे। निर्धारित समय के अलावा कमरा खुलने या किसी प्रकार की हरकत होने पर अलर्ट बोर्ड मुख्यालय में कंट्रोल रूम को मिलेगा और तत्काल केंद्र से पूछताछ शुरू हो जाएगी।
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