प्रयागराज,। चार साल बाद होने जा रही उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) ने कोचिंग संचालकों की बल्ले-बल्ले कर दी है। इस बार 20 लाख से अधिक आवेदन का अनुमान लगाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के एक सितंबर 2025 के आदेश पर 2011 से पहले नियुक्तकक्षा एक से आठ तक के सरकारी शिक्षकों को भी सह परीक्षा पास करनी है। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को तैयारी
करवाने के लिए कोचिंग संचालक भी जोर-शोर से प्रचार में जुटे हैं। इस एक परीक्षा से करोड़ों के कारोबार का अनुमान लगाया जा रहा है।
20 जनवरी को यूपी-टीईटी की तारीख जारी होने के साथ ही कोचिंगों ने
तैयारी करवाने के लिए प्रवेश लेना शुरू कर दिया था और 20 मार्च को विज्ञापन जारी होने के बाद से तो ऑफलाइन से अधिक ऑनलाइन मंच पर इसकी चर्चा हो रही है। विभिन्न कोचिंग संस्थान क्रैश कोर्स, बेस्ट बैच, टार्गेट बैच, बेस्ट बुक्स, स्टडी मैटेरियल आदि का प्रलोभर देकर पैकेज बेच रहे हैं। ऑनलाइन माध्यम से तैयारी करवाने वाले संस्थान औसतन एक से पांच हजार रुपये की फीस ले रहे हैं। कुछ स्थापित नाम की फीस थोड़ी ज्यादा भी है। कोचिंग संचालक बकायदा 130 से अधिक अंक दिलवाने का दावा कर रहे
हैं। कोचिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों की मानें तो आवेदकों की अनुमानित संख्या 20 लाख के आधे अभ्यर्थी यानि दस लाख भी कोचिंग के माध्यम से तैयारी करते हैं और सबसे कम फीस यानि एक हजार रुपये खर्च करते हैं तो भी दस लाख गुणे एक हजार के हिसाब से न्यूनतम एक अरब रुपये का कारोबार यूपी-टीईटी की तैयारी के नाम पर होने जा रहा है। लंबे समय से पढ़ाई से दूर अभ्यर्थी भी चार साल बाद होने जा रही टीईटी को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाह रहे हैं, इसलिए कोचिंगों में दाखिला ले रहे हैं।
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