शिक्षिका की टिप्पणी पर हंगामा, नोटिस जारी
लखनऊ विश्वविद्यालय के भाषा विज्ञान विभाग की सहायक आचार्य डॉ. माद्री काकोटी के पहलगाम आतंकी हमले पर की गई टिप्पणी के खिलाफ सोमवार को भी एलयू परिसर में जमकर हंगामा हुआ। एबीवीपी की मुहिम से आम छात्र भी जुड़े। दिन भर प्रशासनिक भवन का आम छात्रों के कई गुटों ने घेराव कर प्रदर्शन किया। शिक्षिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। दोनों गुटों के छात्रों ने कुलपति को ज्ञापन देकर शिक्षिका पर कठोरतम कार्रवाई की मांग भी उठाई। इसके बाद कुलसचिव ने शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी कर पांच दिन में लिखित स्पष्टीकरण कार्यालय में देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
वहीं डॉ. माद्री काकोटी के खिलाफ हसनगंज कोतवाली में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है। विद्यार्थी परिषद के महानगर सहमंत्री ने तहरीर में डॉ. माद्री पर देश की अखण्डता और संप्रभुता को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है।
एलयू में पहले दर्जनों आम छात्रों ने संस्कृत विभाग के शोधार्थी गुलशन पांडेय की अगुवाई में प्रशासनिक भवन के कॉरिडोर में प्रदर्शन किया। नारेबाजी की। आरोप लगाया कि शिक्षिका की टिप्पणी राष्ट्र विरोधी और राष्ट्र की अखंडता के खिलाफ है। छात्रों ने कुलपति प्रो. आलोक राय को ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त किया।
इसके बाद 50 से अधिक छात्रों ने शोधार्थी अमन के नेतृत्व में प्रशासनिक भवन का घेराव किया और मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। एक घंटे तक छात्रों ने प्रदर्शन किया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी संग पहुंचे प्रॉक्टोरियल बोर्ड सदस्यों ने छात्रों को मनाने का प्रयास किया। छात्रों ने कुलपति को ज्ञापन देकर प्रदर्शन समाप्त किया। प्रदर्शन में आदर्श, सत्यम, अमर आदि शामिल रहे।
क्या कहा शिक्षिका ने अपनी टिप्पणी में
शिक्षिका ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि धर्म पूछकर गोली मारना आतंकवाद है। धर्म पूछकर लिंच करना, धर्म पूछकर नौकरी से निकाल देना, धर्म पूछकर घर न देना, धर्म पूछकर घर बुलडोज कर देना वगैरह-वगैरह भी आतंकवाद है। असली आतंकी को पहचानो। शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी कर पांच दिन में लिखित स्पष्टीकरण के निर्देश दिए गए हैं। अनुशासनिक कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई है।
छात्रों की प्रमुख मांगें ये रहीं
● डॉ. माद्री काकोटी के बयान पर एक निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच समिति गठित हो।
● जांच पूरी होने तक शिक्षिका को शिक्षण कार्य से अलग किया जाए।
● विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार शिक्षिका पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
● परिसर में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए निर्देश जारी हों।
पाकिस्तानी हैंडल से पोस्ट
शिक्षिका के ‘एक्स’ पर पोस्ट वीडियो को पाकिस्तान के हैंडल पीटीआई प्रमोशन द्वारा प्रसारित किया जा रहा है। जिसके कैप्शन में लिखा है कि संदेश सभी भारतीय मित्रों के नाम। वीडियो पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
शिक्षिका की बात : पोस्ट का गलत अर्थ निकाला
एलयू में भाषा विज्ञान विभाग में सहायक आचार्य डॉ. माद्री काकोटी का कहना है कि छात्रों का प्रदर्शन उनकी अभिव्यक्ति की आजादी है। मेरी पोस्ट का गलत अर्थ निकाला गया है। नोटिस पाकर आश्चर्यचकित हूं। जो प्रश्न पूछे हैं उनका जवाब दूंगी। मेरे वीडियो में एकजुटता का संदेश दिया गया है। बाकी न्याय व्यवस्था पर भरोसा है।
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