बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग ने विद्यालयों में मॉक टेस्ट और नियमित अभ्यास पर जोर, अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी ने दिए निर्देश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को बेहतर बनाने के लिए बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग ने विद्यालयों में मॉक टेस्ट और नियमित अभ्यास पर जोर दिया है। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि कक्षा शिक्षण के साथ बचे हुए समय का उपयोग विद्यार्थियों के सीखने का स्तर सुधारने और आगामी परीक्षाओं की तैयारी कराने में किया जाए।
मॉक टेस्ट के माध्यम से होगी बोर्ड परीक्षा की तैयारी
अपर मुख्य सचिव ने सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में मॉक टेस्ट के जरिए विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के लिए तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से संवाद के दौरान कहा कि परीक्षा की तैयारी के साथ पाठ्यक्रम पूरा करने और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड परीक्षाएं 5 फरवरी 2027 से शुरू होने वाली हैं। ऐसे में विद्यालयों के पास परीक्षा की तैयारी के लिए सीमित समय बचा है। शिक्षकों को समय का बेहतर उपयोग करते हुए विद्यार्थियों का नियमित अभ्यास कराने की सलाह दी गई है।
निपुण भारत मिशन के तहत सीखने के स्तर पर जोर
बेसिक शिक्षा के अंतर्गत निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए भी प्रयास तेज करने पर जोर दिया गया। कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान विकसित करने के लिए निर्धारित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की बात कही गई।
कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए अतिरिक्त शिक्षण की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि वे अपनी सीखने संबंधी कठिनाइयों को दूर कर सकें।
कमजोर विद्यार्थियों को मिलेगा उपचारात्मक शिक्षण
विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया। इसके अंतर्गत कमजोर बच्चों को प्रतिदिन अतिरिक्त समय देकर पढ़ाई में आ रही समस्याओं को दूर करने में मदद की जाएगी।
इससे विद्यार्थियों को विषयों की बेहतर समझ विकसित करने और आगामी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने में सहायता मिल सकती है।
एनसीटीई मानकों के अनुसार होगी शिक्षक भर्ती
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, अपर मुख्य सचिव ने शिक्षक भर्ती और विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन से संबंधित जानकारी भी साझा की। एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था तथा विभिन्न विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया।
रिपोर्ट में बताया गया है कि भर्ती प्रक्रिया में एनसीटीई के निर्धारित मानकों का पालन किया जाएगा। पात्रता और भर्ती से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थियों को संबंधित विभाग के आधिकारिक निर्देश देखने चाहिए।
शिक्षकों और विद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण बातें
बोर्ड परीक्षाओं से पहले विद्यार्थियों का नियमित मॉक टेस्ट कराएं।
पाठ्यक्रम पूरा कराने के साथ प्रश्नों के अभ्यास पर ध्यान दें।
कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं और उपचारात्मक शिक्षण संचालित करें।
निपुण भारत मिशन के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए नियमित प्रयास करें।
विद्यार्थियों की प्रगति का आकलन करके आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएं।
निष्कर्ष: बोर्ड परीक्षा 2027 को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों की तैयारी, नियमित अभ्यास और सीखने के स्तर में सुधार महत्वपूर्ण है। विद्यालयों में योजनाबद्ध तरीके से मॉक टेस्ट और अतिरिक्त शिक्षण गतिविधियां संचालित करने से विद्यार्थियों को परीक्षा की बेहतर तैयारी करने में मदद मिल सकती है।
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