लखनऊ : बेसिक से लेकर माध्यमिक विद्यालयों की समीक्षा अब सिर्फ आंकड़ों पर नहीं, बल्कि जमीन पर होगी। समग्र शिक्षा अभियान के तहत नामित 18 वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों की टीम प्रदेश के सभी मंडलों में दो-दो जिलों का निरीक्षण करेगी। इसमें स्कूलों के भवन की मजबूती से लेकर डिजिटल सुविधा तक की निगरानी होगी। प्रत्येक टीम को दो दिनों में न्यूनतम 14 विद्यालयों का निरीक्षण करना है, जिससे कम से कम 252 विद्यालयों का सैंपल तैयार होगा।
स्कूलों के निरीक्षण का दायरा व्यापक है। इसमें पीएम श्री विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, परिषदीय विद्यालय, राजकीय इंटर कालेज, अशासकीय सहायताप्राप्त यताप्राप्त विद्यालय और को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं। हर जिले में हर श्रेणी के कम से कम एक स्कूल का फील्ड विजिट अनिवार्य है। टीमें स्कूल भवन की मजबूती और ध्वस्तीकरण की जरूरत, फर्नीचर की उपलब्धता, विद्यालयों के विलय के बाद पूर्व प्राथमिक कक्षाओं का संचालन, पुस्तक वितरण की स्थिति, छात्र व शिक्षक उपस्थिति, बाल वाटिका की सामग्री, यू डाइस डेटा की स्थिति, लर्निंग ब्राय डुइंग व विज्ञान किट के प्रयोग को देखेंगी। माध्यमिक स्कूलों में प्रयोगशाला, आइसीटी लैब, पुस्तकालय, छात्रावास, पीएम श्री स्कूलों में खेल सुविधाओं का सत्यापन किया जाएगा। कम नामांकन वाले
स्कूलों के विलय और संसाधनों के पुनर्वितरण की दिशा में हुए प्रयासों की प्रगति भी जांची जाएगी। निरीक्षण की रिपोर्ट प्रेरणा एप के माध्यम से दर्ज की जाएगी, जिसकी निगरानी राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा की जाएगी। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण औपचारिकता न हो।
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