देशभर में बैंकिंग प्रणाली से जुड़ी शिकायतें बढ़ रही हैं। बुजुर्गों को बैंकों में पेंशन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें केवाईसी अपडेट कराने से लेकर अन्य तरह की समस्याएं आ रही हैं।
बैंकों द्वारा जमा और निकासी के अतिरिक्त दी जाने वाली सेवाओं (पैरा बैंकिंग) में भी ग्राहक परेशान हो रहे हैं। पेंशन से जुड़ी शिकायतों में 39.5 फीसदी और पैरा बैंकिंग से जुड़े मामलों में 57 फीसदी से अधिक वृद्धि हुई हैं।
आरबीआई द्वारा एकीकृत लोकपाल योजना के तहत वित्त वर्ष 23-24 में दर्ज शिकायतों पर आधारित रिपोर्ट जारी की गई। इसके मुताबिक वित्त वर्ष 22-23 की तुलना में वित्त वर्ष 23-24 में शिकायतों की संख्या में 53 हजार से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
पैरा बैंकिंग में उपभोक्ताओं की शिकायतों में इजाफा हुआ बैंक सामान्य सेवाओं के अतिरिक्त अन्य सेवाएं देने में भी आनाकानी कर रहे हैं। खास तौर पर पैरा बैंकिंग की बात करें तो कुल 4380 शिकायतें मिलीं। इसमें से 2614 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, 1385 निजी, 195 पेमेंट बैंक और 83 ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों से संबंधित थीं। शेष शिकायतें अन्य बैंकों से संबंधित थीं।
वित्त वर्ष 2023-24 में बैंकों से जुड़ी शिकायतें
संबंधित शिकायतों कुल शिकायतों बीते वित्त वर्ष
की संख्या की संख्या (में) से बढ़ोतरी (में)
कर्ज और अग्रिम 85,281 29.01 42.70
पैरा बैंकिंग 4380 1.49 57.44
पेंशन 4108 1.40 39.49
मोबाइल व इंटरनेट बैंकिंग 57,242 19.48 32.61
खाते खोलना 46,358 15.77 43.45
क्रेडिट कार्ड 42,329 14.40 23.95
पेंशन धारकों के लिए हो अलग से काउंटर
बैंकिंग विशेषज्ञ अश्विनी राणा कहते हैं कि बैंकों में पेंशनधारकों के लिए अलग काउंटर होना चाहिए क्योंकि अधिकांश बुजुर्ग ऑनलाइन सिस्टम नहीं चला पाते और उन्हें बैंक आना पड़ता है। कई बार केवाईसी या फिर जीवन प्रमाणपत्र अपडेट नहीं होता, जिससे समय पर पेंशन नहीं मिलती।
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