मुफ्त राशन के फेर में ‘अमीर’ भी बने ‘गरीब’, 5 एकड़ जमीन वाले 446 काश्तकारों के राशन कार्ड निरस्त; अब आयकरदाताओं पर शिकंजा
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में मुफ्त राशन योजना का गलत लाभ उठाने का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ मुफ्त अनाज का लाभ लेने के लिए पाँच एकड़ जैसी बड़ी जोत वाले जमींदार और काश्तकार भी कागजों पर ‘गरीब’ बन गए। हालांकि, सरकारी सख्ती के बाद प्रशासन ने ऐसे 446 अपात्र काश्तकारों को चिन्हित कर उनके राशन कार्ड निरस्त कर दिए हैं।
केंद्र सरकार की सूची से हुआ खुलासा
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब भारत सरकार की ओर से किसान सम्मान निधि पाने वाले और पाँच एकड़ या उससे अधिक भूमि वाले 3480 कार्ड धारकों की एक संदिग्ध सूची जिला पूर्ति कार्यालय (DSO) को सौंपी गई। इस सूची के आधार पर जब जिले के सभी 21 ब्लॉकों की 1734 ग्राम पंचायतों में सघन सत्यापन अभियान चलाया गया, तो इनमें से 3034 लोग पात्र पाए गए, जबकि 446 लोग पूरी तरह अपात्र मिले। पूर्ति निरीक्षकों की रिपोर्ट पर तत्काल कार्रवाई करते हुए इन सभी अपात्रों के कार्ड रद्द कर दिए गए हैं।
अब 42 हजार से अधिक आयकरदाताओं की बारी
पाँच एकड़ भूमि वाले काश्तकारों के बाद अब प्रशासन का अगला निशाना इनकम टैक्स (आयकर) के दायरे में आने वाले लोग हैं। भारत सरकार द्वारा भेजी गई संभावित सूची के आधार पर जिले के 42,234 ऐसे राशन कार्ड धारकों को जांच के दायरे में लिया गया है जो आयकरदाता की श्रेणी में आते हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के 36,072 और शहरी (नगरीय) क्षेत्रों के 6,162 कार्डधारक शामिल हैं। इनके सत्यापन की प्रक्रिया वर्तमान में अंतिम चरण में है।
ई-केवाईसी और आधार लिंकिंग से कसी नकेल
अधिकारियों के मुताबिक, पहले राशन कार्ड धारकों की इस स्तर पर कोई गहन जांच नहीं होती थी। मगर अब नियमों में बदलाव कर सभी कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य कर दी गई है। सभी लाभार्थियों का आधार कार्ड लिंक होने की वजह से अब अपात्रों को छुपाना नामुमकिन हो गया है और सत्यापन की प्रक्रिया बेहद आसान हो गई है। विभाग का लक्ष्य अपात्रों को हटाकर वास्तविक गरीबों और पात्रों को इस योजना से जोड़ना है।
जिले में राशन कार्डों की वर्तमान स्थिति:
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सस्ते राशन की कुल दुकानें: 2,077
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अंत्योदय कार्डधारक: 1,25,472
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पात्र गृहस्थी कार्डधारक: 7,08,238
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कुल कार्डधारक: 8,33,710
अधिकारी का वक्तव्य:
“पाँच एकड़ भूमि मिलने पर 446 राशन कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। आयकरदाता की श्रेणी में आने वाले कार्डधारकों की भी जांच चल रही है, लेकिन बिना पूर्ण सत्यापन के किसी का नाम नहीं काटा जाएगा। शासन के निर्देशानुसार इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। अपात्रों के नाम कटने के बाद जो जगह खाली होगी, उस पर नए पात्र लाभार्थियों को जोड़ा जाएगा।”
— संतोष विक्रम शाही, जिलापूर्ति अधिकारी, जौनपुर
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