प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों के लिए केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृत बजट का समय पर प्रयोग नहीं हो पा रहा है।
इतना ही नहीं कुछ मामलों में भूमि की अनुपलब्धता व विवाद के कारण भी बजट सरेंडर किया जा रहा है। इसे देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने कहा कि जिस जमीन पर विद्यालय चल रहा है, वह उसके नाम दर्ज होनी चाहिए। तभी नए साल में बजट व निर्माण के प्रस्ताव जिलों से लिए जाएंगे। विभाग ने सभी बीएसए से कहा कि प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) की ओर से मिले अनुमोदन में समग्र शिक्षा के तहत विभिन्न मदों में निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी गई है। संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को राशि भेजने के बाद समीक्षा में यह पाया गया कि जमीन की अनुपलब्धता, अन्य योजनाओं से बजट व विवाद की स्थिति होने से कई निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने कहा कि निर्माण कार्य की स्वीकृति के सापेक्ष कार्य का खुद स्थलीय निरीक्षण व सत्यापन कराकर निर्माण कार्य पूरा कराएं।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA






