निजीकरण में बाधा बने तो होंगे बर्खास्त!
लखनऊ, विशेष संवाददाता। प्रदेश की बिजली कंपनियों की 51 फीसदी हिस्सेदारी निजी क्षेत्र को सौंपने की उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन प्रबंधन की तैयारियों में बाधक बनने वालों से सख्ती से निपटने की तैयारी की गई है।
शासन व सत्ता से ऐसे संकेत मिलने के बाद प्रबंधन आंदोलन होने की स्थिति में कठोर से कठोर दंड देने पर विचार कर रहा है। बताया जा रहा है कि इस बार यदि किसी ने बिजली उत्पादन या सप्लाई में व्यवधान डालने अथवा हड़ताल करने की कोशिश की तो उसे सीधे बर्खास्त किया जाएगा।
पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने दिसंबर 2022 तथा मार्च 2023 में हड़ताल में अराजकता तथा विद्युत प्रणाली में बाधा पहुंचाने वाले (असामाजिक तत्वों) कार्मिकों को चिन्हित करने का निर्देश जिलाधिकारियों व मंडलायुक्तों को दिए हैं। सूत्र बताते हैं कि रिफार्म की प्रक्रिया में बाधा डालने वालों से सख्ती से निपटने का निर्देश शासन व सत्ता से मिले हैं। जिसके आधार पर पावर कारपोरेशन प्रबंधन तैयारी कर रहा है।
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