मुजफ्फरपुर। राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग के सर्वे में देश के 11 लाख 49 हजार 23 बच्चे बाल विवाह के जोखिम की स्थिति में पाये गए हैं। आयोग ने यह सर्वे रिपोर्ट 28 राज्य और आठ केंद्र शासित प्रदेशों के 2 लाख 58 हजार 37 गांवों की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद जारी की है।
आयोग ने बताया है कि बाल विवाह के लिहाज से देश के इतने बच्चे जोखिम की स्थिति में हैं, इसलिए तत्काल सभी राज्यों में इस पर कार्रवाई की जरूरत है। रिपोर्ट में कर्नाटक को बाल विवाह के लिहाज से सबसे जोखिम वाला प्रदेश बताया गया है। वहीं बिहार में बाल विवाह की घटनाओं में आई कमी को भी रेखांकित किया है। आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने बाल विवाह के जोखिम वाले इन बच्चों के लिए चिंता जाहिर करते हुए बाल विवाह अधिनियम को और प्रभावी तरीके से लागू करने का आदेश दिया है।
ड्रॉपआउट बच्चों पर एहतियात बरतें
आयोग ने बताया है कि पिछले साल देश के 1149023 बच्चे स्कूल से ड्रॉपआउट हुए हैं। बिना सूचना दिये लम्बे समय तक गायब इन स्कूली बच्चों पर बाल विवाह का सबसे अधिक जोखिम है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस अवधि में उत्तर प्रदेश से सर्वाधिक 501621 बच्चे स्कूल से ड्रॉपआउट हुए हैं।
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