मैनपुरी। उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के पदाधिकारियों ने सोमवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना दिया। शिक्षक समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम 14 सूत्री ज्ञापन सह जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपा गया। मांग की गई कि केंद्रीय शिक्षकों के सामान चिकित्सा और अवकाश सुविधा राज्य में तैनात प्रधानाचार्य और शिक्षकों को दी जाएं।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर सोमवार की दोपहर प्रधानाचार्य परिषद के बैनर तले प्रधानाचार्य एकत्रित हुए। यहां धरना प्रदर्शन के दौरान शिक्षक समस्याओं के निस्तारण की मांग की। धरना-प्रदर्शन के समापन पर सह जिला विद्यालय निरीक्षक रघुराज सिंह पाल को प्रधानाचार्यों ने ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री के नाम सह जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि 1993 के बाद तदर्थ प्रधानाचार्यों की सेवा विनियमित की जाए। विभिन्न मदों के शुल्क का पुर्ननिर्धारण किया जाए। स्ववित्त पोषित विद्यालयों को अनुदान पर लिया जाए। उनके प्रधानाचार्य और शिक्षकों को वित्तपोषित की तरह वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाएं। जब तक अनुदान पर न आएं तब तक समान कार्य के लिए समान वेतन के आधार पर मानदेय दिया जाए।
मांग की गई कि कक्षा एक से आठ तक निशुल्क शिक्षा होने के कारण काॅलेजों को वित्तीय नुकसान हुआ है इसके शुल्क की सरकार प्रतिपूर्ति करे। कक्षा 9 और 11 में पंजीकरण के नाम पर ली जाने वाली धनराशि का 50 प्रतिशत कॉलेजों को दिया जाए। बोर्ड परीक्षाओं के खर्चे महंगाई अनुसार निर्धारित किए जाएं। केंद्र की भांति राज्य में कार्य करने वाले शिक्षकों को चिकित्सा सुविधा, अवकाश आदि की व्यवस्था की जाए।
इस अवसर पर संरक्षक हरप्रसाद यादव, जिलाध्यक्ष अजय यादव, जिला मंत्री प्रदीप कुमार चतुर्वेदी, अजय कुमार दुबे, राघवेंद्र सिंह सिसोदिया, रमेश चंद्र यादव, सतीश चंद्र प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
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