प्रयागराज। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 24 फरवरी से शुरू
हो रही हैं। बोर्ड ने नकल रोकने के तमाम इंतजाम किए हैं। यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करते हुए पाया जाता है तो उसकी उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व आवांछित तत्वों द्वारा भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की जा रहीं हैं कि उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के प्रावधानों तहत अनुचित साधन प्रयोग करने वाले परीक्षार्थियों को आर्थिक जुर्माना
व कारावास की सजा दी जाएगी। सचिव ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 यूपी बोर्ड की परीक्षाओं पर लागू नहीं होता है।
अधिनियम में वार्णित है कि जुर्माना या सजा से संबंधित उपबंध उन परीक्षार्थियों पर लागू नहीं होंगे, जो शैक्षणिक, तकनीकी, व्यावसायिक या अन्य योग्यता प्राप्त करने के लिए किसी सार्वजनिक परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इस तरह की भ्रामक सूचनाओं का संज्ञान न लिया जाए। ऐसी भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी
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