पिछली राशि देने के लिए 160 करोड़ रुपये की जरूरत

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 लखनऊ। वर्ष 2022-23 में केंद्र ने कक्षा 1 से 8 तक छात्रवृत्ति न देने का फैसला किया। तब केंद्रीय अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना के तहत यूपी के रिन्युवल कैटेगरी (पहले से पढ़ रहे) के 53 हजार छात्रों को ही भुगतान किया गया था। वर्ष 2022-23 के फ्रेश (नए) आवेदन करने वाले 1.93 लाख छात्रों को अभी तक भुगतान नहीं किया गया। इसके लिए कुल 160 करोड़ रुपये की आवश्यकता है।

अल्पसंख्यक विभाग के सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2021-22 में यूपी में

इस मद में 442.04 करोड़ रुपये वितरित किए गए थे। उस वर्ष 9,71,301 छात्र लाभान्वित हुए थे। इनमें कक्षा 1-10 तक के

8,27,093, दशमोत्तर कक्षाओं के 1,31,986 और तकनीकी व व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के 12,222 छात्र शामिल थे। 

राज्य सरकार 3.5 लाख अल्पसंख्यक छात्रों को देगी वजीफा

प्रदेश सरकार ने चालू वित्त वर्ष में कक्षा 9 व 10 के छात्रों को वजीफा देने के लिए 30 करोड़ और इससे ऊपर की कक्षाओं के लिए 190 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। राज्य सरकार की योजना में 6.60 लाख छात्रों ने आवेदन किए हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक डाटा की स्क्रूटनी चल रही है और इनमें से करीब 4.5 लाख छात्र पात्र होंगे। राज्य अल्पसंख्यक कल्याण विभाग उपलब्ध बजट में करीब 3.5 लाख पात्र छात्रों को लाभान्वित कर सकेगा।

केंद्रीय अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति : पिछली राशि देने के लिए 160 करोड़ रुपये की जरूरत

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