अमेठी सिटी। तमाम प्रयास के बावजूद जिले में अब तक 85 हजार बच्चों की अपार आईडी नहीं बन पाई है। परिषदीय विद्यालयों की प्रगति सामान्य है। वित्तविहीन विद्यालय अपार आईडी बनवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
माध्यमिक के 12 विद्यालय सहित अन्य बोर्डों के स्कूलों की प्रगति बहुत खराब है।
परिषदीय, माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों की ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी बनाने को लेकर जिले में कार्य प्रगति पर है। परिषदीय, यूपी बोर्ड, संस्कृत, मदरसा, नवोदय, सीबीएसई, सैनिक बोर्ड में करीब 2.55 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। अब तक सभी विद्यालयों में पंजीकृत कुल बच्चों के सापेक्ष 1.70 लाख बच्चों की अपार आईडी बन सकी है।
माध्यमिक में मान्यता प्राप्त जिले के ब्लॉक बाजार शुकुल में सात विद्यालय, ब्लॉक अमेठी व जामों में दो-दो, गौरीगंज, शाहगढ़, जगदीशपुर व तिलोई स्थित एक-एक विद्यालय में अपार आईडी की प्रगति शून्य है।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार माध्यमिक में कुल प्रगति 48 फीसदी है। इसमें वित्तविहीन विद्यालयों की प्रगति मात्र 40 फीसदी ही बताई जा रही है। वहीं, राजकीय व परिषदीय विद्यालयों की करीब 70 फीसदी से अधिक प्रगति है। अब तक जिले में करीब 85 हजार बच्चों की अपार आईडी नहीं बन सकी है।
ऐसे में अपार आईडी की प्रगति बढ़ाने को
लेकर अफसरों के स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
डीआईओएस कार्यालय में अपार आईडी की प्रगति को लेकर कंट्रोल रूम बनाया गया है। बुधवार को कंट्रोल रूम में लगाए गए
कर्मी संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य व प्रबंधकों से बात कर अपार आईडी बनवाने के लिए कार्यालय में बुला रहे थे। वहीं, बीआरसी कार्यालय पर अपार आईडी बनवाने के लिए शिक्षकों की भीड़ दिखी।
ड्रॉपआउट व डेटा अंतर बना बाधक
गौरीगंज के प्राथमिक विद्यालय बासूपुर में तैनात राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष विवेक शुक्ल ने कहा कि विद्यालय और आधार रिकॉर्ड में अंतर होने के कारण अपार आईडी बनवाने में दिक्कत आ रही है। अभिभावक इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। कहा कि विद्यालय का रिकार्ड शिक्षक नहीं बदल सकते। उच्च प्राथमिक विद्यालय संभरिया मझवारा के शिक्षक जय प्रकाश ने बताया कि पूर्व विद्यालय से ड्रॉपआउट बच्चों की अपार आईडी बनने में ज्यादा दिक्कत आ रही है।
शिक्षकों को दिया गया निर्देश
बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि शत प्रतिशत अपार आईडी बनवाने को लेकर शिक्षकों को निर्देश दिया गया है। कहा कि संकुल शिक्षकों के साथ ही बीआरसी पर भी अपार आईडी बनवाने के साथ आधार में संशोधन की भी व्यवस्था की गई है।
खत्म हो सकती है विद्यालयों की मान्यता
डीआईओएस डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि कंट्रोल रूम से संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापकों व प्रबंधकों को फोन कर प्रगति बढ़ाने का निर्देश दिया जा रहा है। जिन विद्यालयों की प्रगति शून्य है उन विद्यालयों की मान्यता खत्म करने की कार्रवाई की जाएगी।
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