लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक में व्यावसायिक शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि आईटीआई में केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि कार्यस्थल आधारित प्रशिक्षण को भी बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि छात्रों को उद्योगों का नियमित भ्रमण कराया जाए और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग व ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग को व्यापक स्तर पर लागू किया जाए।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि कौशल विकास कार्यक्रमों को समयबद्ध, परिणाम आधारित और रोजगार से जोड़ने वाला बनाया जाए, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण के बाद सीधे रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने आईटीआई और कौशल विकास योजनाओं में गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार बदलाव करने के निर्देश दिए।
बैठक में ड्रॉपआउट की समस्या पर भी चर्चा हुई और इसके कारणों की पहचान कर समाधान लागू करने पर जोर दिया गया। साथ ही सभी आईटीआई में उपकरण, लैब और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
मंत्री ने कहा कि नई आईटीआई परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाए और प्रशिक्षण को इंडस्ट्री-रेडी बनाया जाए, ताकि युवा आत्मनिर्भर बन सकें और रोजगार के बेहतर अवसर हासिल कर सकें।
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