अब डिप्लोमाधारी ही बन सकेंगे वेटरनरी फार्मासिस्ट,कैबिनेट ने पशुपालन विभाग की वेटरनरी फार्मासिस्ट सेवा नियमावली को दी मंजूरी
लखनऊ। पशु चिकित्सालयों में कार्यरत वेटरनरी फार्मासिस्टों के लिए पशुपालन विभाग की ओर से तैयार नियमावली को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। अब वही व्यक्ति फार्मासिस्ट बन सकेंगे, जो फार्मेसी में डिप्लोमा धारक होंगे। अब तक विभाग में इस पद के लिए इंटर पास अर्हता थी। इसके बाद विभाग उन्हें प्रशिक्षण देकर फार्मासिस्ट के रूप में काम लेता था।
नई नियमावली के लागू होने से डिप्लोमाधारी ही वेटरनरी फार्मासिस्ट बन सकेंगे। वहीं इनकी भर्ती अब अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से होगी। नियुक्ति के बाद इन्हें दो स्तर की पदोन्नति मिलेगी, यानी यह तीन श्रेणी का पद होगा। पहला उसकी नियुक्ति। दूसरा प्रोन्नति आठ साल की बेहतर सेवा पर दी जाएगी। उन्हें चीफ वेटरनरी फार्मासिस्ट बनाया जाएगा, इसके
लिए 8 पद का कोटा निर्धारित किया गया है। तीसरी प्रोन्नति प्रभारी अधिकारी वेटरनरी फार्मेसी के पद पर होगी, इसके लिए 23 पद निर्धारित किए गए हैं।
प्रदेश भर के पशुचिकित्सालयों में फार्मासिस्टों की काफी कमी है। परिणामस्वरूप पैरावेट या चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के सहयोग से पशुओं का इलाज व ऑपरेशन किया जाता है। नई नियमावली जारी होने के बाद प्रशिक्षित और विशेषज्ञ फार्मासिस्टों की सहायता से आधुनिक तरीके से पशुओं का इलाज व ऑपरेशन हो सकेगा
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