नई दिल्ली। भारतीय मूल का सॉफ्टवेयर इंजीनियर सोहम पारेख अमेरिका के चार-पांच स्टार्टअप में एक साथ काम कर रहा है। इसका खुलासा सोशल मीडिया के एक पोस्ट से हुआ। जिसने रिमोट वर्क कल्चर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोहम पर आरोप है कि उसने कई कंपनियों को एक साथ नौकरी करके धोखा दिया। एक साथ पांच नौकरी के जरिए हर रोज ढाई लाख रुपये की कमाई कर रहा है।
दरअसल अमेरिका के तकनीकी उद्यमी सुहेल दोषी ने सबसे पहले सोशल मीडिया पर पारेख के व्यवहार को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद सोहम को लेकर सोशल मीडिया पर
कंपनियों को धोखा देकर रोज 2.5 लाख कमा रहा
खूब मीम्स बने और जमकर आलोचना हुई। सोहम पर मूनलाइटिंग और एआई के गलत इस्तेमाल के आरोप लगाए गए।
हालात सुधारना चाहते हैं सोहमः सोशल मीडिया पर विवादों में घिरने के बाद सोहम ने सीधा सुहेल दोषी से संपर्क किया। सोहम ने पूछा, ‘क्या मेरा करियर पूरी तरह बर्बाद हो गया? उन्होंने यह भी सलाह मांगी कि अब इस हालात से कैसे निकलें।
सुहेल दोषी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया, ‘भारत का सॉफ्टवेयर इंजीनियर
सोहम पारेख एक साथ तीन-चार स्टार्टअप्स में काम कर रहा है। वह कंपनियों को धोखा दे रहा है, सतर्क रहें।’ सुहैल के अनुसार, सोहम कुछ समय उनके स्टार्टअप में भी काम कर चुका था।
मूनलाइटिंग का मतलब
मूनलाइटिंग का मतलब होता है, बिना बताए एक साथ कई नौकरियां करना। ऐसे लोग कंप्यूटर को सक्रिय दिखाने के लिए ‘माउस जगलर’ जैसे डिवाइस इस्तेमाल करते हैं। कैमरा ऑफ रखते हैं, कैलेंडर में ‘फोकस टाइम’ ब्लॉक कर देते हैं, और कई बार अपना काम दूसरों से करवाते हैं। ये तेजी से काम करते हैं लेकिन धीरे-धीरे डिलीवर करते हैं ताकि शक न हो।
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