प्रतापगढ़। जनपद के 200 परिषदीय स्कूलों को बाल वाटिका के रूप में तैयार किया जाएगा। 50 से कम छात्र संख्या होने के कारण इन विद्यालयों का विलय पास के परिषदीय विद्यालयों में किया गया है। विलय होने वाले विद्यालयों में अब आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों की बाल
वाटिका चलेगी। इनमें बच्चों को 448 ईसीसीई एजुकेटर्स (अर्ली चाइल्डहुड केयर एजुकेशन) शिक्षा देंगे। जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय जल्द ही एजुकेटर्स की भर्ती करेगा ताकि बच्चों को खेल-खेल में भाषा और गणित में निपुण बनाया जा सके। जिला समन्वयक ट्रेनिंग योगेंद्र सिंह ने बताया कि अब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों को पढ़ाती थीं। जब बच्चे परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक में पहुंचते थे तो इनके साथ शिक्षकों को फिर से मेहनत करनी पड़ती थी। अब बच्चों को भाषा
और गणित का पहले से ज्ञान होगा। अब बच्चों को बैठने के साथ ही निजी स्कूलों की तर्ज पर एबीसीडी से लेकर अंकों का पूरा ज्ञान करा दिया जाएगा।
पढ़ाएंगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केवल तीन से पांच साल तक के बच्चों को ही पढ़ाएंगी। वह उन्हें बैठना और अक्षरों के ज्ञान की जानकारी देंगी। नई शिक्षा नीति के तहत अब वह पांच साल से ऊपर वाले बच्चों को नहीं पढ़ाएंगी। हर बच्चा पढ़े इसके लिए सरकार की ओर से बदलाव किया गया है।
ईसीसीई एजुकेटर्स को वंडर बॉक्स की मदद से बच्चों को पढ़ाना होगा। जिसमें भाषा और गणित के सभी टूल्स मौजूद होंगे। जनपद में 448 एजुकेटर्स की जल्द भर्ती कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। 200 से अधिक विद्यालयों को बाल वाटिका के रूप में विकसित किया जा रहा है।
भूपेंद्र सिंह, बीएसए
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