● सरकार की दलील- टैबलेट बांटना ज्यादा उपयोगी ● इसके लिए कैबिनेट निर्णय को निरस्त कराया जाएगा
लखनऊ। योगी सरकार अब युवाओं को स्मार्टफोन नहीं बांटेगी। अब केवल टैबलेट का ही वितरण होगा। सरकार का मानना है कि स्मार्टफोन के मुकाबले टैबलेट शैक्षिक गतिविधियों के लिए ज्यादा उपयोगी है। इसलिए अब 25 लाख स्मार्टफोन खरीद कर वितरण योजना संबंधी निर्णय कैबिनेट से निरस्त कराया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने अनुभव किया कि स्मार्ट मोबाइल फोन का शैक्षिक गतिविधियों के बजाए अन्य गतिविधियों में ज्यादा उपयोग में आ रहा है। खुद मुख्यमंत्री ने इस बात पर चिंता जाहिर की थी। इसके बाद अब औद्योगिक विकास विभाग ने तय किया है कि महाकुम्भ में लिए गए कैबिनेट निर्णय को निरस्त कराने के लिए नया प्रस्ताव कैबिनेट से मंजूर कराया जाए। वर्तमान में इस योजना पर 2000 करोड़ रुपये का बंदोस्त किया गया है। अब यह रकम टैबलेट खरीदने के खर्च में शामिल हो जाएगी।
25 लाख स्मार्टफोन खरीदने का निर्णय हुआ था : इस साल महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में हुई कैबिनेट बैठक में स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तीकरण योजना के अन्तर्गत निःशुल्क स्मार्टफोन वितरण किए जाने के लिए 25 लाख स्मार्टफोन क्रय करने का निर्णय किया गया। इस योजना के तहत प्रदेश में स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा के अंतर्गत लाभार्थी युवा वर्ग को स्मार्टफोन निःशुल्क प्रदान किया जाता है ताकि वह अपने शैक्षिक पाठ्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूर्ण कर सकें। प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए स्मार्टफोन वितरित किए जाने की योजना पांच साल पहले शुरू की गई थी। 12 जुलाई 2022 को कैबिनेट बैठक में पहली बार नि:श़ुल्क टैबलेट व स्मार्टफोन बांटने का निर्णय हुआ।
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