शाहजहांपुर। स्कूलों से मुंह मोड़ने वाले छह से 14 आयु वर्ग के आउट ऑफ स्कूल व ड्रॉप आउट बच्चों को तलाश करने के बाद नामांकन कराया जाएगा। पांच से अधिक आउट ऑफ स्कूल बच्चे मिलने पर विशेष प्रशिक्षक के रूप में सेवानिवृत्त अध्यापक या वॉलंटियर रखे जाएंगे। इन्हें चार हजार रुपये प्रति महीने दिए जाएंगे।
प्रशिक्षकों की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को तलाश कर उनका परिषदीय स्कूलों में नामांकन कराया जाएगा। एक से पांच आउट ऑफ स्कूल होने पर संबंधित विद्यालय के नोडल अध्यापक को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। पांच से अधिक बच्चे होने पर विशेष प्रशिक्षक के रूप में सेवानिवृत्त अध्यापक की सेवाएं ली जाएंगी।
चार हजार रुपये प्रति महीने के मानदेय देने के साथ ही अगले वर्ष 31 मार्च को सेवा समाप्त कर दी जाएगी। बीएसए दिव्या गुप्ता ने बताया कि नोडल अध्यापक व विशेष प्रशिक्षक को ब्लॉक स्तर पर बच्चों का विशेष प्रशिक्षण अगस्त महीने से शुरू होगा। विशेष प्रशिक्षण केंद्र में नामांकित आउट ऑफ स्कूल बच्चों को अन्य छात्र-छात्राएं की तरह सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
प्रबंध समिति करेगी प्रशिक्षक का चयन
विशेष प्रशिक्षक के रूप में सेवानिवृत्त अध्यापक के चयन को वरीयता दी जाएगी। ऐसे शिक्षक के रुचि नहीं लेने पर वॉलंटियर का चयन होगा। विद्यालय प्रबंध समिति की चार सदस्यीय उप समिति चयन करेंगी। वालंटियर को स्नातक के साथ डीएलएड, बीटीसी, बीएड उत्तीर्ण अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी।
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