स्वच्छता और सफाई, पर्यावरणीय स्थिरता, व्यवहार परिवर्तन, समावेशी वातावरण और उत्कृष्टता पर किया जाएगा मूल्यांकन
ज्ञानपुर। ग्राम पंचायतों की तर्ज पर अब सभी विद्यालयों की भी स्वच्छता रैंकिंग निर्धारित की जाएगी। ऐसी नहीं उच्च रैंकिंग वाले विद्यालयों को राज्य और केंद्र सरकार की ओर से पुरस्कार भी दिया जाएगा।
इसके लिए विद्यालयों को समग्र विद्यालय स्वच्छ रेटिंग पोर्टल या मोबाइल एप पर अपनी स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट जमा करनी है। जिले में कुल 1825 विद्यालय संचालित हैं, जिसमें बेसिक के 885 और 725 माध्यमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं की संख्या चार लाख से अधिक है।
सहित निजी और सरकारी स्कूलों का मूल्यांकन मुख्य बिंदुओं स्वच्छता और सफाई, पर्यावरणीय स्थिरता, व्यवहार परिवर्तन, समावेशी वातावरण और उत्कृष्टता के आधार पर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा द्वारा विद्यालयों के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। ग्राम पंचायतों की तर्ज पर अब सभी विद्यालयों की भी स्वच्छता रैंकिंग निर्धारित की जाएगी। इसके लिए सभी विद्यालयों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं। अनुमान, डीआईओएस।
इन बिंदुओं पर होगी रेटिंग
जल संचयन व संरक्षण : वर्षा जल संचयन की व्यवस्था, पानी का दोबारा उपयोग।
जल की उपलब्धता और गुणवत्ता : पीने के पानी की पर्याप्त आपूर्ति और शुद्धता।
शौचालय की क्रियाशीलता : लड़के और लड़कियों के लिए अलग, साफ और उपयोग योग्य शौचालय।
दिव्यांग अनुकूल संरचना : वॉशरूम रैंप, हैंडब, स्पेशल शौचालय।
हाथ धोने की व्यवस्था : खाने व तख धुलने के बाद पानी के साथ उचित स्थान पर व्यवस्था।
कूड़ा निस्तारण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन : डस्टबिन, कचरा पिट, जैविक खाद, अपशिष्ट प्रबंधन।
स्वच्छ वातावरण और परिसर की रखरखाव : कक्षाएं, खेल, मैदान, बेंच, कुर्सी साफ-सफाई।
सूचना प्रदर्शन : स्लोगन, पोस्टर, नोटिस, विद्यालय की गतिविधियां।
इकाई गुणवत्ता : हरित पट्टी स्वच्छता कार्यों की गुणवत्ता संबंधित बिंदु
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