नई दिल्ली, । शिक्षा मंत्रालय की यूडीआईएसई 2024-25 रिपोर्ट के अनुसार, सभी स्तरों पर रिटेंशन दर यानी बच्चों के स्कूल में रुकने की दर में सुधार हुआ है। फाउंडेशन स्तर पर रिटेंशन दर बढ़कर 98.9%, प्रारंभिक स्तर पर 92.4%, मध्य स्तर पर 82.8% और माध्यमिक स्तर पर 47.2% हो गई है। साथ ही, बच्चों को स्कूल छोड़ने की दर में भी कमी आई है। प्रारंभिक स्तर पर 2.3%, मध्य स्तर पर 3.5% और माध्यमिक स्तर पर 8.2% ड्रॉपआउट दर घटी है। विभिन्न चरणों के बीच ट्रांजिशन दर भी मजबूत हुई है, जो विद्यार्थियों के लिए सुचारू प्रवाह का संकेत है।
शिक्षकों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़कर 54.2% हो गया है। इसके अलावा स्कूलों में लड़कियों का नामांकन बढ़कर 48.3% हो गया है, 54.9% स्कूलों में रैंप और रैलिंग जैसी सुविधाएं लगाई गई हैं। यह दिखाता है कि सरकार समावेशी शिक्षा पर ध्यान दे रही है, ताकि विकलांग छात्रों को भी स्कूल आने में कोई परेशानी न हो। यूडीआईएसई रिपोर्ट के अनुसार, देश में शिक्षकों की कुल संख्या पहली बार एक करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। वर्ष 2022-23 में शिक्षकों की संख्या 94,83,294 थी, 2024-25 में यह बढ़कर 1,01,22,420 हो गई है।
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