हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सोमवार को स्कूलों की पेयरिंग के मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से पूरक जवाबी शपथ पत्र दाखिल किया गया, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि एक किमी से कम दूरी वाले तथा जिन स्कूलों में 49 से अधिक बच्चे हैं, उनकी पेयरिंग (विलय) नहीं की जाएगी। यह भी बताया गया है कि तीन किमी से अधिक दूरी के उच्च प्राथमिक स्कूलों की भी पेयरिंग नहीं की जाएगी। न्यायालय ने सरकार के उक्त पूरक शपथ पत्र को रिकॉर्ड पर लेते हुए, अगली सुनवाई के लिए 22 सितम्बर की तिथि नियत की है।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने दिया है। सीतापुर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह के उक्त पूरक शपथ पत्र के साथ राज्य सरकार के 27 अगस्त 2025 के शासनादेश को भी दाखिल किया गया है जिसमें सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन प्राथमिक स्कूलों की एक किमी तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों के तीन किमी से अधिक दूरी के बावजूद पेयरिंग की गई है, उन्हें निरस्त कर दिया जाए। इसमें कहा गया है कि नए दिशानिर्देशों के तहत सीतापुर में सिर्फ 77 स्कूलों की पेयरिंग की गई है।
खाली 5118 स्कूलों में खोली गईं बाल वाटिकाएं
प्रदेश में कम छात्र संख्या के कारण जिन विद्यालयों का मर्जर किया गया है उनके खाली भवनों में बाल वाटिकाएं शुरू हो गईं हैं। ऐसे 5118 विद्यालय भवनों में बाल वाटिकाएं चलाई जा रही हैं। ऐसे में अब बाल वाटिकाओं की कुल संख्या बढ़कर 70 हजार से अधिक हो गई है।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA





