चंदौसी(संभल)। जिले के परिषदीय विद्यालयों में कंपोजिट ग्रांट की धनराशि खर्च न करने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। बीएसए ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिन के भीतर प्रधानाध्यापकों और इंचार्ज अध्यापकों ने ग्रांट की राशि खर्च कर उपभोग प्रमाण पत्र कार्यालय में जमा नहीं किया, तो उनका वेतन रोक दिया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से हर वर्ष विद्यालयों को बच्चों की संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट दी जाती है। इसमें 100 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को 25 हजार, 200 छात्रों तक वाले विद्यालयों को 50 हजार और 300 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों को एक लाख तक की धनराशि मिलती है। इस राशि से स्कूलों में चाक, साबुन, टॉयलेट क्लीनर, स्वच्छता सामग्री, रंगाई-पुताई और छोटे-मोटे मरम्मत कार्य कराए जाते हैं। बीएसए कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी प्रधानाध्यापकों को पहले भी निर्देश दिए गए थे कि अनुदान राशि नियमानुसार खर्च कर उपभोग प्रमाण पत्र जमा करें, लेकिन प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। इससे जिले की छवि राज्य स्तर पर धूमिल हो रही है। शिक्षकों का कहना है कि कंपोजिट ग्रांट की धनराशि करीब 20 दिन पहले ही प्राप्त हुई है। अब 17 अक्टूबर को जारी नोटिस में सात दिन के भीतर राशि खर्च करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि 20 से 23 अक्टूबर तक दीपावली का अवकाश है। ऐसे में इतने कम समय में धनराशि का व्यय और उपभोग प्रमाण पत्र तैयार करना कठिन होगा।
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