लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट में मिल रही तारीख पर तारीख की वजह से 69000 शिक्षक भर्ती लटकी हुई है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार की ओर से पैरवी न होने की वजह से बीते एक साल में कोर्ट में 22 तारीखें पड़ने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। इससे नाराज आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने शनिवार को एक बार फिर बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया। अभ्यर्थियों को पुलिस ने जबरन बस से ईको गार्डेन रवाना किया।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शन में शामिल धनंजय गुप्ता ने कहा कि हाईकोर्ट का जो फैसला आया था सरकार ने उसे जानबूझ कर लटका दिया, जिससे मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया। उन्होंने बताया कि 2018 में भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। परिणाम में आरक्षित वर्ग
के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय कर उन्हें नौकरी देने से वंचित किया गया। लंबे आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया से गुजरने के बाद बीते 13 अगस्त 2024 को लखनऊ हाईकोर्ट की डबल बेंच ने आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के हित में फैसला सुनाया और नियमानुसार नियुक्ति देने का आदेश दिया लेकिन सरकार मामले में हीलाहवाली करती रही।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे अमरेंद्र पटेल ने बताया कि साल में सुप्रीम कोर्ट में 22 तारीखें लग चुकी हैं लेकिन सरकार की ओर से कोई वकील न होने से सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि 28 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। हमारा सरकार से निवेदन है कि वो सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता भेजे और न्याय दिलाए। संवाद
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