लखनऊ, । लखन
ऊ विवि प्रशासन ने एलयू शिक्षक संघ (लूटा) के तीन पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री को गलत शिकायती पत्र भेजने के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मुख्यमंत्री को 12 नवंबर को भेजे गए एक पत्र में अरबी फारसी विभाग के डॉ. अरशद अली जाफरी, भौतिक विज्ञान के डॉ. चांदकी राम गौतम और जंतु विज्ञान की प्रो. मोनिशा बनर्जी ने यह आरोप लगाया गया कि विश्वविद्यालय में शोधार्थियों को 1100 रुपये के एकमुश्त मानदेय या सम्मान राशि प्रदान करने की योजना में अनियमितताएं हुईं हैं।
लूटा के तीनों उपाध्यक्षों ने शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि योजना के क्रियान्वयन का श्रेय लेने व पुरस्कार वितरण समिति में शामिल अधिकारियों कुलपति, रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी और अन्य को 75 हजार से डेढ़ लाख तक का मानदेय दिया गया है। साथ ही छात्रों को दी गई कथित सम्मान राशि में भी वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे संस्थान की साख को ठेस पहुंचाने वाला कदम बताया।
प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव के मुताबिक तथ्य यह है कि बूस्ट अवार्ड वितरण कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. मोनिशा बनर्जी के डीन रिसर्च रहते हुई थी। वित्त अधिकारी कार्यालय से प्राप्त दस्तावेजी सूचना के अनुसार अधिकारियों कुलपति, रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी और अन्य को मानदेय राशि का भुगतान किए जाने का कहीं कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। प्रशासन ने कहा कि बिना भुगतान के आरोप भ्रामक सूचना प्रसारित करने की श्रेणी में है।
तीन दिन में दें स्पष्टीकरण
प्रवक्ता प्रोफेसर मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि नोटिस में कहा गया है कि संबंधित शिक्षकों के आरोप तथ्यों पर न होने के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की छवि खराब करने वाले हैं। प्रवक्ता का कहना है कि कुलपति कार्यालय के निर्देशानुसार तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक उत्तर न देेने पर कार्रवाई होगी।
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