शिक्षा परिषद के नगर क्षेत्र कैडर के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग नई योजना पर काम कर रहा है। कई वर्षों से चली आ रही समस्या के समाधान के तहत नगर क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती स्वीकृत पद के सापेक्ष नहीं, बल्कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के मानकों के अनुरूप की जाएगी। इसके तहत छात्र-शिक्षक अनुपात को आधार बनाकर नगर क्षेत्र के स्कूलों में ग्रामीण क्षेत्र कैडर के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। इसके संकेत बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने दिए हैं।
बेसिक शिक्षा में दो अलग-अलग कैडर (नगर और ग्रामीण) हैं। एक दशक से अधिक समय से ग्रामीण क्षेत्रों से नगर क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती नहीं होने के कारण नगर क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। स्थिति यह है कि कई विद्यालय शिक्षा मित्र के भरोसे हैं। नगर क्षेत्र के लिए सीधी भर्ती की व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में 10 वर्ष की सेवा के उपरांत शिक्षकों को नगर क्षेत्र में तैनाती देने की व्यवस्था है। नगर क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए पूर्व महानिदेशक बेसिक शिक्षा विजय किरन आनंद ने शासन को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन
अनुमति नहीं मिलने के कारण तैनाती नहीं दी जा सकी। अब एक बार फिर नगर क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए योजना तैयार की जा रही है। स्वीकृत पदों की संख्या के बजाय विद्यालयों में नामांकित छात्रों की संख्या को आधार बनाकर तैनाती दी जाएगी। इससे उन स्कूलों को प्राथमिकता मिलेगी, जहां छात्र संख्या अधिक है लेकिन शिक्षक कम हैं। इस व्यवस्था से शिक्षक-छात्र अनुपात बेहतर होने के साथ शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार आएगा। प्रयागराज आए बेसिक शिक्षा निदेशक ने बताया कि शासन की स्वीकृति के उपरांत नियमानुसार तैनाती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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