छुट्टियों में बढ़ते कार्यों पर शिक्षकों में नाराज़गी, EL की मांग तेज
लखनऊ,
प्रदेश के शिक्षकों में सर्दी और गर्मी की छुट्टियों के दौरान बढ़ते गैर-शैक्षणिक कार्यों को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। हाल ही में सर्दियों की छुट्टियां SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) जैसे कार्यों में व्यतीत होने के बाद अब आगामी ग्रीष्मकालीन अवकाश में जनगणना कार्य लगाए जाने की चर्चा है।
शिक्षकों का कहना है कि लगातार छुट्टियों में सरकारी कार्य दिए जाने से उनका अवकाश समाप्त होता जा रहा है, जिससे मानसिक व शारीरिक संतुलन पर प्रभाव पड़ता है। ऐसे में उन्होंने छुट्टियों के स्थान पर अर्जित अवकाश (EL) देने की मांग उठाई है।
“कार्य लें, लेकिन अधिकार भी दें”
शिक्षक संगठनों से जुड़े सदस्यों का कहना है कि वे देश व प्रदेश की जिम्मेदारियों से कभी पीछे नहीं हटे हैं और भविष्य में भी नहीं हटेंगे, लेकिन इसके लिए उचित व्यवस्था जरूरी है। उनका सुझाव है कि ट्रेनिंग, सर्वे और जनगणना जैसे कार्य यदि छुट्टियों में कराए जाते हैं, तो उसके बदले में EL दिया जाए।
छुट्टियों पर उठे सवाल
शिक्षकों का मानना है कि पहले समर क्लास के नाम पर छुट्टियां प्रभावित होती थीं, और अब विभिन्न सरकारी अभियानों के कारण अवकाश पूरी तरह समाप्त होने की स्थिति में पहुंच गया है। इससे शिक्षकों पर “अधिक छुट्टियां लेने” का आरोप भी लगता है, जिसे वे गलत बताते हैं।
शिक्षा गुणवत्ता पर भी प्रभाव
शिक्षकों का कहना है कि यदि छुट्टियों का उचित प्रबंधन किया जाए और गैर-शैक्षणिक कार्यों को संतुलित तरीके से लागू किया जाए, तो इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार संभव है।
मुख्य मांगें
- छुट्टियों की समीक्षा एवं पुनर्गठन
- गैर-शैक्षणिक कार्यों के बदले अर्जित अवकाश (EL) लागू किया जाए
- वार्षिक अवकाश नीति में स्पष्ट बदलाव किया जाए
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA





